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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां38एपिसोड

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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

गुरुदेव की शर्मिंदगी

जब गुरुदेव ने कहा कि मैंने आपको शर्मिंदा किया, तो दिल दहल गया। यह संवाद इतना भारी था कि स्क्रीन के पार भी महसूस हुआ। काली पोशाक वाले योद्धा का जमीन पर गिरना और फिर उठने की कोशिश करना दर्दनाक था। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में भावनात्मक गहराई बहुत अच्छी है।

असली तलवारबाजी का प्रदर्शन

बैंगनी पोशाक वाले ने जब कहा कि असली तलवारबाजी क्या होती है, तो वह पल यादगार बन गया। उसकी तलवार चलाने की शैली इतनी तेज थी कि आंखें झपकाने का मौका नहीं मिला। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी शानदार है। लाल कार्पेट पर लड़ाई का दृश्य बहुत सुंदर लगा।

समुद्र का सिर काटने की धमकी

जब खलनायक ने समुद्र का सिर काटने की धमकी दी, तो माहौल में तनाव छा गया। यह डायलॉग इतना खतरनाक था कि लगता है जैसे वह सच में ऐसा कर सकता है। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में खलनायक का किरदार बहुत प्रभावशाली है। उसकी आवाज में जो गुस्सा था, वह रोंगटे खड़े कर देता है।

युवा योद्धा की चुनौती

युवा योद्धा ने जब दो उंगलियों से तलवार रोकी, तो सबकी सांसें रुक गईं। यह पल दिखाता है कि वह कितना शक्तिशाली है। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में ऐसे पल दर्शकों को हैरान कर देते हैं। उसकी आंखों में जो आत्मविश्वास था, वह लाजवाब था। लाल कार्पेट पर यह दृश्य बहुत प्रभावशाली लगा।

लाल कार्पेट पर युद्ध

लाल कार्पेट पर हुई इस लड़ाई का दृश्य बहुत ही नाटकीय था। बैंगनी और काली पोशाक के बीच का संघर्ष देखकर लगता है जैसे दो ध्रुव टकरा रहे हों। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में सेट डिजाइन बहुत अच्छा है। पृष्ठभूमि में प्राचीन इमारतें दृश्य को और भी सुंदर बनाती हैं।

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