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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां61एपिसोड

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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राहुल की आँखों में आंसू

राहुल की आँखों में आंसू और चेहरे पर दर्द — यह सब कुछ बिन बोले कहानी कह रहा है। जब वह चिल्लाया 'माँ!', तो लगा जैसे हम भी उसी पल में फंस गए हों। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज की एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि लगता है सब कुछ असली है।

लाल कार्पेट पर खून की बूंदें

लाल कार्पेट पर गिरी तलवार और माँ के मुंह से खून की बूंदें — यह विजुअल इतना पावरफुल है कि दिमाग से नहीं निकल रहा। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे सीन्स ही तो दर्शक को बांधे रखते हैं। रंगों का इस्तेमाल और कैमरा एंगल — सब कुछ परफेक्ट है।

वादा करो कि तुम अपना ख्याल रखोगे

माँ के आखिरी शब्द — 'वादा करो कि तुम हमेशा अपना ख्याल रखोगे' — यह डायलॉग दिल को चीर गया। राहुल की चुप्पी और माँ की आँखों में आंसू — यह सब कुछ इतना इमोशनल है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे पल ही तो कहानी को यादगार बनाते हैं।

राहुल की तलवार गिरने की आवाज

जब राहुल ने तलवार गिराई, तो उसकी आवाज इतनी तेज थी कि लगा जैसे दिल भी टूट गया हो। यह साउंड डिजाइन इतना परफेक्ट है कि हर धड़कन महसूस होती है। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स ही तो कहानी को जीवंत बनाते हैं।

माँ की हंसी और आंसू

माँ ने हंसते हुए कहा 'हा हा हा' — पर उसकी आँखों में आंसू थे। यह विरोधाभास इतना दर्दनाक है कि लगता है जैसे दिल टूट रहा हो। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में ऐसे पल ही तो दर्शक को बांधे रखते हैं। एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि लगता है सब कुछ असली है।

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