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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताजवां43एपिसोड

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(डबिंग) तलवार के दम पर सरताज

माता-पिता की खोज में विक्रम पहाड़ से उतरा। जेड ताबीज़ लेकर वह योद्धाओं की दुनिया में आया। शक्तिनगर में अंजलि चौहान को राठौरों से बचाया, दोनों परिवारों के झगड़े में फंस गया। चौहान परिवार में पता चला कि सीमा उसकी माँ है, ताबीज़ से उसका नाता। पिता राजेश ने उसे 'निकम्मा' कहा। माँ सीमा और बहन प्रिया पर खतरा आया तो उसने ताकत छिपाना छोड़ा, परिवार की रक्षा को लड़ने का संकल्प लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

नए शिष्य की हिम्मत देखकर हैरानी

जब वह नया लड़का सामने आया और गुरुजी से सीखने की बात कही, तो लगा कहानी में कुछ नया होने वाला है। उसकी आंखों में चमक और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। डबिंग तलवार के दम पर सरताज की कहानियों में हमेशा ऐसे पात्र आते हैं जो पुराने नियमों को तोड़ते हैं। यह दृश्य उसी का बेहतरीन उदाहरण है।

तलवार का रहस्य और गुरुजी का डर

गुरुजी का यह कहना कि तलवार का रहस्य शब्दों में नहीं बताया जा सकता, बहुत गहरा था। उनकी आवाज़ में जो कंपन था, वह उनके अतीत के किसी राज को इशारा कर रहा था। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में ऐसे पल आते हैं जब लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। यह दृश्य उसी श्रेणी का था।

युवाओं का उत्साह और बूढ़े का अनुभव

पीछे खड़े युवाओं के चेहरे पर जो उत्सुकता थी, वह गुरुजी के अनुभव के सामने फीकी पड़ गई। जब गुरुजी ने तलवार उठाई, तो सबकी सांसें रुक गईं। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में हमेशा पीढ़ियों के बीच के संघर्ष को खूबसूरती से दिखाया गया है। यह दृश्य उसी का जीता जागता उदाहरण है।

लड़की की मुस्कान और उसका मतलब

जब वह लड़की मुस्कुराई और गुरुजी से मार्गदर्शन मांगा, तो लगा कि वह सिर्फ एक शिष्या नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा है। उसकी आंखों में कुछ छिपा था। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में महिला पात्रों को हमेशा गहराई से दिखाया गया है। यह दृश्य उसी का बेहतरीन नमूना है।

गुरुजी का झूठा डर और असली ताकत

गुरुजी का यह कहना कि वे फंस गए हैं, शायद एक चाल थी। उनकी आंखों में जो चमक थी, वह डर की नहीं, बल्कि किसी योजना की थी। डबिंग तलवार के दम पर सरताज में पात्रों की असली ताकत अक्सर छिपी होती है। यह दृश्य उसी का सबूत है कि बुजुर्ग अभी भी खतरनाक हैं।

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