सफेद पोशाक वाली माँ का चेहरा देखकर लगता है जैसे वह टूट गई हो। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि आप भी उनके साथ रो पड़ेंगे। परिवार का बंधन बहुत गहरा दिखाया गया है।
लाल कार्पेट पर गिरता खून और फिर अंत में श्मशान का दृश्य, यह कंट्रास्ट बहुत पावरफुल था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज की स्टोरीलाइन में यह ट्विस्ट उम्मीद से ज्यादा इमोशनल निकला।
जब अनूप ने पिता को 'पिताजी' कहा, तो उसकी आवाज़ में जो दर्द था, वह बयां नहीं किया जा सकता। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह सीन सबसे ज्यादा यादगार बना रहेगा।
अंत में बांस के जंगल में श्मशान का दृश्य बहुत शांत लेकिन उदास था। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज ने विजुअल्स के जरिए भी कहानी को गहराई दी है। प्रकृति और दुख का मेल बहुत खूबसूरत था।
पिता की मृत्यु के बाद पूरा परिवार एक साथ खड़ा हुआ, यह देखकर लगा कि दुख में ही रिश्ते मजबूत होते हैं। (डबिंग) तलवार के दम पर सरताज में यह संदेश बहुत अच्छे से दिया गया है।