हर एपिसोड में नया खुलासा होता है। अभी ऑफिस की टेंशन, अभी अस्पताल की देखभाल। ब्रेकअप से बिलियनर तक की रफ़्तार बहुत तेज है। काले बालों वाले लड़के का राज़ क्या है ये जानना जरूरी हो गया है। ऐसे शो को मिस करना गलती होगी। ये कहानी दिल को छू लेती है और सोचने पर मजबूर कर देती है।
काले सूट वाले लड़के की वफादारी देखकर जलन हुई। वो हर वक्त साथ खड़ा है। ब्रेकअप से बिलियनर तक में ऐसे रिश्ते ही हीरो होते हैं। बुजुर्ग बॉस की चालाकी के बीच ये दोस्ती निभानी आसान नहीं होगी। आगे क्या होगा ये जानने की बेचैनी बढ़ रही है। हर मोड़ पर नया इंतज़ार शुरू हो जाता है।
धूप की रोशनी में अस्पताल का कमरा बहुत सुकून भरा लग रहा था। मरीज वाले लड़के के चेहरे पर जो नूर था वो देखने लायक था। ब्रेकअप से बिलियनर तक की सिनेमेटोग्राफी भी कमाल की है। ऐसे पल देखकर लगा जैसे समय थम गया हो। ये सीन दिल से जुड़ गया और बार-बार देखने को मन करता है।
जब उसने हाथ उठाकर रुकने का इशारा किया तो सांस रुक गई। क्या वो गुस्सा था या फिक्र? ब्रेकअप से बिलियनर तक में ऐसे ट्विस्ट देखकर मज़ा आता है। नीली आँखों वाले शख्स का एक्सप्रेशन पढ़ना मुश्किल था। ये अनकही बातें ही कहानी को आगे बढ़ाती हैं। दर्शक हैरान रह जाते हैं इस अंदाज को देखकर।
ऑफिस का वो माहौल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बुजुर्ग बॉस की आँखों में गुस्सा साफ़ दिख रहा था। काले सूट वाले लड़के की हिम्मत देखकर हैरानी हुई। ब्रेकअप से बिलियनर तक में ऐसे सीन बार-बार दिल धड़काते हैं। काश हमें भी ऐसा कोई अपना मिले जो मुश्किल वक्त में खड़ा रहे। ये ड्रामा सच में देखने लायक है और हर पल नया मोड़ लेता है।
अस्पताल वाले सीन में जो देखभाल दिखाई गई वो दिल को छू गई। नीली आँखों वाले लड़के ने जब सूप दिया तो लगा जैसे प्यार भी घुल गया हो। ब्रेकअप से बिलियनर तक की कहानी में ये नरम पल बहुत खास हैं। मरीज वाले लड़के की मासूमियत देखकर तरस आया। ऐसे रिश्ते ही जीवन की असली दौलत हैं और यही इस शो की खूबसूरती है।
वो लकड़ी की माला वाले बुजुर्ग किरदार में एक अलग ही रहस्य है। उनकी चुप्पी शोर मचा रही थी। ब्रेकअप से बिलियनर तक में हर किरदार की गहराई कमाल की है। लगता है आगे चलकर ये ही विलेन साबित होंगे। ऐसे सस्पेंस भरे पल देखकर सीरीज छोड़ने का मन नहीं करता। हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ जाती है।
काले सूट वाले शख्स की एंट्री ही हीरो वाली थी। अस्पताल के कमरे में जब वो दाखिल हुआ तो माहौल बदल गया। ब्रेकअप से बिलियनर तक में स्टाइल और इमोशन का बेहतरीन संगम है। उसने जब खाने का डिब्बा खोला तो लगा वो किसी राज़ को खोल रहा हो। ये पल हमेशा याद रहेगा और दिल पर असर छोड़ेगा।
मरीज वाले लड़के की आँखों में जो सवाल थे वो बिना बोले साफ़ दिख रहे थे। उसने जब सूप का पहला घूंट लिया तो सुकून मिला। ब्रेकअप से बिलियनर तक की कहानी में ये छोटे-छोटे पल बड़ा असर छोड़ते हैं। ऐसा लगा जैसे दोनों के बीच कोई पुरानी कहानी छिपी हो। ये खामोशी बहुत कुछ कह जाती है।
ऑफिस और अस्पताल के सीन का कंट्रास्ट बहुत गजब का था। एक तरफ सख्त कारोबार, दूसरी तरफ नाजुक सेहत। ब्रेकअप से बिलियनर तक में ये द्वंद्व बहुत अच्छे से दिखाया गया है। काले बालों वाले लड़के की जिम्मेदारी देखकर सम्मान बढ़ गया। ऐसे ड्रामे ही असली जीवन की झलक देते हैं और बांधे रखते हैं।