शुरुआत का दृश्य काफी आकर्षक था जब फोन की घंटी बजी। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में ऐसा लग रहा था कि कोई राज खुलने वाला है। उस बिना कमीज वाले आदमी की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था जब उसने फोन छीना। फिर विवाह दृश्य में सबकी हालत खराब हो गई। दुल्हन का चेहरा देखकर लग रहा था कि वह उसे नहीं चाहती। यह नाटक सच में दिलचस्प मोड़ ले रहा है।
एमा के प्रवेश ने सबको चौंका दिया। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में सौतेली मां का किरदार बहुत मजबूत लग रहा है। जब वह सीढ़ियों से उतर रही थीं तो सबकी नजरें उन पर थीं। लेकिन असली धमाका तो उस सुनहरी साड़ी वाली लड़की ने किया। उसकी चाल और आत्मविश्वास देखकर लगता है कि वह किसी से नहीं डरती। विवाह में अब क्या होने वाला है यह देखना बाकी है।
विवाह के बीच में उस आदमी का प्रवेश किसी खलनायक जैसा था। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल की कहानी में यह मोड़ बहुत बड़ा है। वह अपने अंगरक्षकों के साथ चल रहा था और सबकी सांसें रुक गईं। दुल्हन के चेहरे पर खुशी नहीं बल्कि डर साफ दिख रहा था। शायद उसका बीता कल उसे यहां तक खींच लाया है। यह दृश्य बहुत ही नाटकीय था और मुझे पसंद आया।
उस लड़की ने जब गले का पट्टा पहनाया तो लगा कि रिश्ते में कुछ गड़बड़ है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में रोमांस और सत्ता का खेल साफ दिख रहा है। फिर अचानक दृश्य बदलता है और हम एक भव्य विवाह भवन में पहुंच जाते हैं। वहां की सजावट और भीड़ बहुत अमीराना लग रही थी। लेकिन सबकी नजरें उस एक आदमी पर थीं जो अभी प्रवेश लेने वाला था।
सुनहरी पोशाक में वह लड़की जब दरवाजे से अंदर आई तो सब स्तब्ध रह गए। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में यह पल सबसे खूबसूरत था। उसके कानों में झूमर और साड़ी की चमक सबका ध्यान खींच रही थी। दुल्हन का चेहरा उतर गया था जब उसने उसे देखा। लगता है कि यह विवाह बिना किसी हंगामे के नहीं होने वाली है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है।
फोन की घंटी ने सब कुछ बदल दिया। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में यह छोटी सी विवरण बहुत बड़ी लग रही थी। जब उसने फोन टेबल पर रखा तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। फिर उस युवक की प्रतिक्रिया देखकर हंसी आई जो शायद कुछ योजना बना रहा था। लेकिन असली खेल तो विवाह में शुरू हुआ जहां सब एक दूसरे को घूर रहे थे।
बुजुर्ग आदमी और एमा की बातचीत में कुछ छुपा हुआ था। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में परिवार के रिश्ते काफी पेचीदा लग रहे हैं। जब वे शैंपेन पी रहे थे तो उनकी आंखों में चालाकी दिख रही थी। शायद यह विवाह सिर्फ दिखावा है और असली मकसद कुछ और है। यह रहस्य बना हुआ है कि आखिरकार सच्चाई क्या है और कब सामने आएगी।
दुल्हन की एक कंधे वाली पोशाक बहुत प्यारी थी लेकिन उसका मिजाज खराब था। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में भावनाओं का ऐसा मिश्रण कम ही देखने को मिलता है। जब वह दूल्हे के साथ खड़ी थी तो उसकी आंखें बार बार उस नए मेहमान की तरफ जा रही थीं। यह साफ था कि वह उसकी मौजूदगी से खुश नहीं है। अब देखना है कि वह क्या कदम उठाती है।
उस आदमी की कोट में प्रवेश ने सबको हिला कर रख दिया। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल में सत्ता संतुलन बहुत अच्छे से दिखाए गए हैं। वह बिना कुछ बोले ही सब पर हावी लग रहा था। उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी जो खतरनाक लग रही थी। लगता है कि वह इस विवाह को रोकने या किसी से बदला लेने आया है। यह रोमांच बहुत बढ़िया है।
नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर यह श्रृंखला देखने का अनुभव बहुत अच्छा है। सीईओ का इच्छा का अनोखा खेल की गुणवत्ता और अभिनय लाजवाब है। हर दृश्य में एक नया मोड़ है जो आपको बांधे रखता है। विवाह वाला दृश्य तो खासतौर पर बहुत भव्य था। मुझे लगता है कि यह कहानी आगे और भी रोमांचक होने वाली है। सभी को यह जरूर देखना चाहिए।