अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। स्कूल के जिम में चीयरलीडर्स का गिरोह एक मासूम लड़की को घेरकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। लाल रिबन वाली लड़की की क्रूर हंसी और दूसरों का साथ देना दिखाता है कि कैसे भीड़ का हिस्सा बनकर लोग इंसानियत भूल जाते हैं। जब वे कैंची से उसकी स्कर्ट काटती हैं और उसे अंधेरे कमरे में अकेला छोड़ देती हैं, तो दिल दहल जाता है। आखिर में उस लड़के का आना एक उम्मीद की किरण जैसा लगता है, लेकिन क्या वह उसे बचा पाएगा? यह कहानी बुलीइंग के गंभीर मुद्दे को बहुत ही नाटकीय अंदाज में पेश करती है।