शुरुआत में बाथरूम का वो तनावपूर्ण माहौल देखकर रोंगटे खड़े हो गए, लेकिन अगले ही पल सूरज की किरणों के साथ कहानी में जो बदलाव आया, वो कमाल का था। अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में दिखाया गया वो डर और फिर पूल साइड का रोमांस, सब कुछ बहुत ही खूबसूरती से बुना गया है। लड़के का पूल में कूदना और लड़की का छिपकर उसे देखना, इन छोटे-छोटे पलों ने कहानी में जान डाल दी है। सोफे पर सोते हुए लड़की को देखने वाला वो आखिरी सीन तो दिल को छू गया, बिल्कुल परफेक्ट अंत।