अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में दिखाया गया है कि कैसे एक साधारण सी लड़की अपनी पढ़ाई और जीवन के बीच संतुलन बनाती है। उसकी आँखों में चश्मा और हाथ में किताब देखकर लगता है जैसे वह दुनिया से अलग हो, लेकिन जब वह पूल के किनारे जाती है तो उसकी ज़िंदगी में नया रंग भर जाता है। लड़के का पूल में तैरना और उसकी मुस्कान देखकर लगता है जैसे वह उसकी दुनिया में नई रोशनी लेकर आया हो। यह कहानी बहुत ही सरल और दिल को छू लेने वाली है।