अरे! पढ़ाकू लड़की मेरी जान में दिखाया गया तनाव सचमुच दिल को छू लेता है। चश्मे वाली लड़की की आँखों में डर और चुप्पी साफ़ झलकती है, जबकि लंबे बालों वाला लड़का बिना कुछ कहे भी अपनी उपस्थिति से माहौल बदल देता है। फ्लैशबैक वाले सीन धुंधले होते हुए भी भावनाओं को तेज़ी से पहुँचाते हैं। स्कूल की दीवारों पर चिपके पोस्टर और लॉकरज़ के बीच ये ड्रामा और भी असली लगता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर लगता है जैसे खुद उसी हॉलवे में खड़े हों।