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ग्रे सूट वाली लड़की बहुत शांत लग रही है पर अंदर तूफान है। उसने नीली फाइल कैसे संभाला यह देखने लायक था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में हर बारीकी पर ध्यान देना चाहिए। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। अभिनय शानदार है।
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जब उस लड़की ने नीला लिफाफा दिखाया तो सब चुप हो गए। यह चाल बहुत अच्छी लगी। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे सीन दिल धड़का देते हैं। मुझे लगता है अब कहानी पलटने वाली है जल्दी ही। बहुत उत्सुकता बढ़ गई है।
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दस मिनट बाद का समय संकेत बहुत रहस्य बनाता है। क्या हुआ होगा उस बीच में यह जानना जरूरी है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में समय का खेल बहुत चलता है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। कब आएगा पता नहीं।
रक्षकों का खड़ा होना बताता है कि कोई बड़ा अधिकारी आया है। माहौल में डर साफ झलक रहा था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में सत्ता के समीकरण बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। यह ड्रामा नीरस नहीं है बिल्कुल भी। मुझे अच्छा लगा।
उस लड़की के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी जब उसने सामने वाले को देखा। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में भावनाएं बहुत असली लगती हैं। मुझे यह अभिनय बहुत पसंद आया और मैं फंस गया हूं। कहानी बहुत अच्छी है।
पूरी कहानी में एक रहस्य बना हुआ है कि असली मालिक कौन है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद का शीर्षक ही सब बता देता है। हर सीन में नया खुलासा होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है बहुत अच्छे से। मैं देख रहा हूं।