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असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंदवां17एपिसोड

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असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद

स्नातक के दिन पुनर्जन्म लेकर, इस घर की असली बेटी अपनी कपटी बहन के दिए नकली कंगन को देखकर बस मुस्कुरा दी। पिछले जन्म में, इसी धोखे के कारण उसके अपने ही माता-पिता और सगे भाई ने उससे घृणा की थी, और भाई ने उसे अमानवीय यातनाएं देकर तबाह कर दिया था। लेकिन अब पासा पलट चुका है! इस नए जन्म में, वह अपना हक मांगने नहीं, बल्कि उस निर्दयी परिवार को पूरी तरह से बर्बाद करने आई है। क्या एक ठुकराई हुई बेटी अपने ही खून से इस खौफनाक प्रतिशोध को पूरा कर पाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनावपूर्ण शुरुआत

इस ड्रामे में तनाव बहुत ज्यादा है। जब वह महिला हाथ मिलाती है तो लगता है कुछ छुपा है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे मोड़ देखकर मज़ा आता है। कार्यालय का माहौल बहुत गंभीर लग रहा है और हर कोई कुछ साबित करना चाहता है। मुझे यह पसंद आया।

झगड़े की आहट

सम्मेलन केंद्र से निकलते ही झगड़ा शुरू हो गया। लड़की की आँखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की कहानी में यह सीन बहुत अहम है। रक्षकों का होना बताता है कि मामला बड़ा है। बहुत रोमांचक लग रहा है।

शांत पर खतरनाक

ग्रे सूट वाली लड़की बहुत शांत लग रही है पर अंदर तूफान है। उसने नीली फाइल कैसे संभाला यह देखने लायक था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में हर बारीकी पर ध्यान देना चाहिए। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। अभिनय शानदार है।

अजीब व्यवहार

भूरे कोट वाले व्यक्ति का व्यवहार थोड़ा अजीब था। वह क्यों चिल्ला रहा था समझ नहीं आया। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कार्यालय की राजनीति बहुत गहरी लग रही है इस वीडियो में। देखने में मज़ा आया।

नीला लिफाफा

जब उस लड़की ने नीला लिफाफा दिखाया तो सब चुप हो गए। यह चाल बहुत अच्छी लगी। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे सीन दिल धड़का देते हैं। मुझे लगता है अब कहानी पलटने वाली है जल्दी ही। बहुत उत्सुकता बढ़ गई है।

शानदार पोशाक

कपड़ों का चयन बहुत शानदार है हर किरदार का। खासकर काले सूट वाली महिला की बालियां। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में पोशाक भी कहानी कहती है। सब कुछ बहुत अमीर लग रहा है। मुझे पहनावा पसंद आया। बहुत अच्छा लगा।

समय का खेल

दस मिनट बाद का समय संकेत बहुत रहस्य बनाता है। क्या हुआ होगा उस बीच में यह जानना जरूरी है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में समय का खेल बहुत चलता है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। कब आएगा पता नहीं।

सत्ता का संकेत

रक्षकों का खड़ा होना बताता है कि कोई बड़ा अधिकारी आया है। माहौल में डर साफ झलक रहा था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में सत्ता के समीकरण बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। यह ड्रामा नीरस नहीं है बिल्कुल भी। मुझे अच्छा लगा।

असली भावनाएं

उस लड़की के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी जब उसने सामने वाले को देखा। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में भावनाएं बहुत असली लगती हैं। मुझे यह अभिनय बहुत पसंद आया और मैं फंस गया हूं। कहानी बहुत अच्छी है।

रहस्यमयी अंत

पूरी कहानी में एक रहस्य बना हुआ है कि असली मालिक कौन है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद का शीर्षक ही सब बता देता है। हर सीन में नया खुलासा होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है बहुत अच्छे से। मैं देख रहा हूं।