गलियारे में हुआ हंगामा देखकर दिल दहल गया। भूरे कोट वाले व्यक्ति और ग्रे स्कर्ट वाली महिला के बीच तनाव साफ दिख रहा था। नीले कार्ड को फाड़ना किसी रिश्ते के टूटने जैसा लगा। बीच में आई काली ड्रेस वाली लड़की ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे मोड़ देखकर रोमांच बढ़ जाता है। गिरने का दृश्य बहुत दर्दनाक था और दर्शकों को झकझोर देता है।
सूट पहने हुए चश्मे वाले व्यक्ति की एंट्री ने सबका ध्यान खींच लिया। वह बहुत शांत लग रहे थे लेकिन उनकी आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था। ग्रे ब्लेजर वाली महिला ने फटा हुआ कार्ड उन्हें सौंपा। यह बिजनेस मीटिंग सिर्फ कागजों की नहीं, जज्बातों की भी लग रही है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में हर किसी के चेहरे पर अलग ही कहानी लिखी हुई है जो देखने लायक है।
काली जैकेट और बेयर पिन वाली लड़की बहुत मासूम लग रही थी। लेकिन उसकी हरकतों से लगता है कि वह कुछ छिपा रही है। भूरे कोट वाले व्यक्ति के साथ उसकी नजदीकियां संदेह पैदा करती हैं। क्या वह सच में मदद कर रही थी या कोई और मकसद था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में हर किरदार के पास एक राज है जो धीरे धीरे खुलता जाएगा और सबको हैरान कर देगा।
बोर्डरूम का सीन बहुत ही इंटेंस था। सभी लोग टेबल पर बैठे थे और माहौल में सन्नाटा छाया हुआ था। नीले रंग के फोल्डर को देखकर लग रहा था कि कोई बड़ी डील होने वाली है। भूरे कोट वाले व्यक्ति ने हाथ उठाकर कुछ कहा। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की कहानी में बिजनेस और प्यार का मिश्रण बहुत अच्छा है जो बोर नहीं होने देता।
ग्रे स्कर्ट वाली महिला की आंखों में आंसू थे लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने फटा हुआ कार्ड संभाल कर रखा। यह दिखाता है कि वह हार मानने वाली नहीं है। चश्मे वाले व्यक्ति ने जब उसे देखा तो लगा कि उनके बीच कोई पुराना कनेक्शन है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे ड्रामेटिक मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं और अंत तक देखने पर मजबूर करते हैं।
सुरक्षा गार्ड्स को खड़ा देखकर लगा कि मामला गंभीर है। कोई आम झगड़ा नहीं था यह। भूरे कोट वाले व्यक्ति ने अपना बैग नीचे गिरा दिया जो उसकी घबराहट को दिखाता है। काली ड्रेस वाली लड़की ने बीच बचाव करने की कोशिश की। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में हर एक्शन के पीछे एक वजह है जो आगे चलकर सामने आएगी और सबको चौंका देगी।
मीटिंग रूम में माइक पर बात कर रही महिला बहुत कॉन्फिडेंट लग रही थी। उसने सभी दस्तावेजों को चेक किया। चश्मे वाले व्यक्ति ने भी फाइलों पर गौर किया। यह नीलामी या टेंडर प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण लग रही है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में पावर डायनामिक्स बहुत अच्छे से दिखाए गए हैं जो वास्तविकता के करीब लगते हैं।
भूरे कोट वाले व्यक्ति और काली ड्रेस वाली लड़की एक साथ बैठे थे। उनकी बॉडी लैंग्वेज से लग रहा था कि वे एक टीम हैं। लेकिन ग्रे ब्लेजर वाली महिला अकेली पड़ गई थी। फिर भी उसका हौसला बुलंद था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे रिश्तों की उलझन देखकर दर्शक हैरान रह जाते हैं। कहानी में कई ट्विस्ट हैं जो मनोरंजन करते हैं।
शुरुआत में ही इतना बड़ा झगड़ा देखकर आगे की कहानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। नीले कार्ड का टूटना किसी बड़े धोखे की निशानी है। चश्मे वाले व्यक्ति ने जब उसे जोड़ा तो लगा कि वह सब कुछ जानते हैं। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद का हर एपिसोड नई जानकारी देता है। यह शो अपने ड्रामा के लिए जाना जाता है और लोगों को पसंद आ रहा है।
अंत में सभी लोग टेबल पर बैठ गए लेकिन तनाव बना हुआ था। भूरे कोट वाले व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए कुछ कहा लेकिन आंखों में गंभीरता थी। ग्रे स्कर्ट वाली महिला चुपचाप सब सुन रही थी। यह चुप्पी शोर से ज्यादा तेज थी। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में ऐसे सीन देखकर ही इस शो का मजा आता है। यह एक बेहतरीन कलाकृति है।