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असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंदवां3एपिसोड

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असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद

स्नातक के दिन पुनर्जन्म लेकर, इस घर की असली बेटी अपनी कपटी बहन के दिए नकली कंगन को देखकर बस मुस्कुरा दी। पिछले जन्म में, इसी धोखे के कारण उसके अपने ही माता-पिता और सगे भाई ने उससे घृणा की थी, और भाई ने उसे अमानवीय यातनाएं देकर तबाह कर दिया था। लेकिन अब पासा पलट चुका है! इस नए जन्म में, वह अपना हक मांगने नहीं, बल्कि उस निर्दयी परिवार को पूरी तरह से बर्बाद करने आई है। क्या एक ठुकराई हुई बेटी अपने ही खून से इस खौफनाक प्रतिशोध को पूरा कर पाएगी?
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इस एपिसोड की समीक्षा

अनाथालय का राज खुला

इस नाटक में भावनाओं का बहुत गहरा खेल है। जब उस लड़की ने अनाथालय वाला टैग दिखाया, तो सबकी सांसें रुक गईं। नारंगी कार्डिगन वाली लड़की की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। स्नातक समारोह के दिन ऐसा सामना किसी को नहीं देखना चाहिए। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की कहानी बहुत दिल को छू लेती है। हर दृश्य में एक नया रहस्य खुलता है। हमें देखते रहना पड़ता है कि आखिर सच क्या है। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि पहचान की लड़ाई है। बहुत ही बेहतरीन कलाकारी देखने को मिली। मुझे यह कार्यक्रम बहुत पसंद आया। सभी को देखना चाहिए।

भूरी बेरेट वाली लड़की का सच

भूरे रंग की बेरेट वाली लड़की का व्यवहार शुरू में बहुत अलग लगा। लेकिन जब सच सामने आया तो उसका चेहरा देखने लायक था। फोन में रिकॉर्डिंग करते लोग भी इस कहानी का हिस्सा बन गए। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में हर किरदार की अपनी कहानी है। कंगन का आदान-प्रदान बहुत ही भावुक कर देने वाला पल था। लगता है कि बीते कल की कोई गलतफहमी अब सामने आ रही है। मुझे यह कार्यक्रम बहुत पसंद आया क्योंकि यह सीधा दिल पर वार करता है। सभी को देखना चाहिए। यह बहुत अच्छा है।

स्नातक समारोह में लड़ाई

स्नातक समारोह के बीच में यह लड़ाई बहुत ही अजीब लग रही थी। जो लड़की रो रही थी, उसका दर्द हम महसूस कर सकते हैं। अनाथालय का टैग देखकर सब हैरान रह गए। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की पटकथा बहुत मजबूत है। हर कड़ी के बाद हम और भी उत्सुक हो जाते हैं। कपड़ों के रंग भी किरदारों के मूड को दर्शाते हैं। नारंगी रंग वाली लड़की की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। यह कहानी हमें सिखाती है कि हौसले कभी नहीं हारने चाहिए। बहुत ही प्रेरणादायक है।

चरमोत्कर्ष बहुत दमदार था

दृश्य में दिखाया गया चरमोत्कर्ष बहुत ही दमदार था। जब टैग सामने आया तो माहौल बदल गया। ग्रे वेस्ट वाली लड़की भी इसमें शामिल थी जो कहानी को और पेचीदा बनाती है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में सस्पेंस बना रहता है। हमें नहीं पता कि आगे क्या होने वाला है। दोस्तों के बीच ऐसा विश्वासघात देखकर बुरा लगा। लेकिन अंत में उम्मीद की किरण दिखी। यह कार्यक्रम देखने के लिए मजबूर कर देता है। मैं हर दिन इंतजार करती हूं। बहुत रोमांचक है।

किरदारों का शानदार समन्वय

किरदारों के बीच का समन्वय बहुत ही शानदार है। भूरी वेस्ट वाली लड़की की मुस्कान के पीछे का दर्द समझना मुश्किल है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की वजह से मैं हर रोज अगली कड़ी का इंतजार करती हूं। फोन कैमरे में कैद हुआ वो पल हमेशा याद रहेगा। लगता है कि यह कहानी अमीरी और गरीबी के बीच की लड़ाई है। लेकिन इंसानियत सबसे बड़ी दौलत है। यह संदेश बहुत अच्छा लगा। सभी को यह संदेश मिलना चाहिए। बहुत ही सुंदर कहानी है।

हर मोड़ पर नया ट्विस्ट

इस शो में हर मोड़ पर एक नया मोड़ आता है। अनाथालय वाले धागे ने सबको चौंका दिया। नारंगी कार्डिगन वाली लड़की की आंखों में आंसू देखकर दिल पसीज गया। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की कहानी की रूपरेखा बहुत यूनिक है। हम अक्सर ऐसे कार्यक्रम देखते हैं लेकिन यह कुछ अलग है। पृष्ठभूमि संगीत भी बहुत ही सही जगह पर था। मुझे उम्मीद है कि अंत अच्छा होगा। सभी किरदारों ने बहुत मेहनत की है। यह देखने लायक है।

सामाजिक मुद्दों पर आधारित

स्नातक पोशाक पहने हुए लोगों का रवैया बहुत खराब लगा। किसी को भी किसी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में सामाजिक मुद्दों को भी उठाया गया है। जब लड़की ने वो धागा दिखाया तो सबकी बोलती बंद हो गई। यह साबित करता है कि सच कभी छुपा नहीं रह सकता। मुझे यह कार्यक्रम बहुत प्रेरणादायक लगा। हर किसी को यह देखना चाहिए। यह जीवन का सच है। बहुत ही गहराई से लिखा गया है।

दोस्तों के बीच का झगड़ा

दोस्तों के बीच का यह झगड़ा बहुत ही दर्दनाक था। फोन में दृश्य बनाना आजकल का चलन बन गया है। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में इसका सही इस्तेमाल किया गया है। लड़कियों के बीच की यह दुश्मनी कब खत्म होगी। हमें एकता की जरूरत है। नारंगी कार्डिगन वाली लड़की बहुत मासूम लग रही थी। उसका साथ देना चाहिए था। यह कहानी हमें बहुत कुछ सिखाती है। मुझे यह बहुत पसंद आया। सभी को देखना चाहिए।

कंगन और धागे का महत्व

कंगन और धागे का आदान-प्रदान बहुत ही प्रतीकात्मक था। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद में छोटी चीजों का बड़ा महत्व है। जब सच सामने आता है तो झूठ का घर टूट जाता है। मुझे यह पल बहुत पसंद आया। अभिनय बहुत ही स्वाभाविक था। लगता है कि निर्देशक ने बहुत मेहनत की है। हमें और भी ऐसे कार्यक्रम देखने को मिलने चाहिए। यह दिल को छू लेता है। बहुत ही भावुक कर देने वाला दृश्य था।

अंत की हैरानी भरी शक्लें

अंत में जो हैरानी भरी शक्लें थीं, वो सबसे श्रेष्ठ थीं। असली वारिस: खाली हाथ पर हौसले बुलंद की हर कड़ी एक तोहफे की तरह है। हमें नहीं पता था कि कहानी इस मोड़ पर जाएगी। अनाथालय का राज अब खुल चुका है। आगे क्या होगा यह देखना बाकी है। मुझे यह सफर बहुत पसंद आ रहा है। सभी दर्शकों को यह जरूर देखना चाहिए। यह मनोरंजन के साथ शिक्षा भी देता है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।