खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में जब वह पिता अपनी बेटी के घायल शरीर को देखता है, तो उसकी आँखों में आँसू और चेहरे पर गुस्सा साफ दिखता है। यह दृश्य इतना भावुक है कि दर्शक भी रो पड़ें। उसकी तलवार की पकड़ और साँसों की तेज़ी बताती है कि अब वह किसी को नहीं छोड़ेगा।
जब वह पिता तलवार निकालता है और दुश्मन की ओर बढ़ता है, तो लगता है जैसे समय थम गया हो। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम का यह दृश्य एक्शन और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण है। उसकी हर हरकत में इंतकाम की आग साफ झलकती है।
उस पिता की बेटी ज़मीन पर बेहोश पड़ी है और वह उसे बचाने के लिए सब कुछ करने को तैयार है। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में यह दृश्य दिखाता है कि एक पिता अपने बच्चे के लिए कितना कुछ कर सकता है। उसकी आँखों में डर नहीं, बस गुस्सा है।
दुश्मन की आँखों में डर और पिता की आँखों में गुस्सा – यह टकराव खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम का सबसे ताकतवर पल है। जब पिता तलवार लेकर आगे बढ़ता है, तो लगता है कि अब कोई नहीं बचेगा।
रात के अंधेरे में मोमबत्ती की रोशनी में वह पिता अपनी बेटी के चेहरे को सहलाता है। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम का यह दृश्य इतना कोमल और दर्दनाक है कि दिल दहल जाता है। फिर वह तलवार उठाता है और इंतकाम की राह पर चल पड़ता है।