छत पर लड़ाई का दृश्य इतना तीव्र था कि सांस रुक गई। लाल फीनिक्स का उभरना और उसकी आग से घिरा युद्ध—यह सब खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में जादू जैसा लगा। नीली पोशाक वाली योद्धा की आंखों में गुस्सा और दर्द दोनों झलक रहे थे। हर पल में तनाव था, हर कदम में खतरा। रात का चांद और लालटेन का रोशनी का खेल दृश्य को और भी ड्रामेटिक बना रहा था।
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