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खूनी तलवार: एक पिता का इंतकामवां17एपिसोड

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खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम

दुनिया का सबसे बड़ा तलवारबाज़ देवराज चौहान अपनों के धोखे से परिवार खोने के बाद अपनी नवजात बेटी दिव्या के साथ एक जंगल में छिप जाता है। 18 साल बाद, जालिम शासक अमर होने की दवा के लिए लड़कियों को किडनैप करने लगते हैं। घमंडी रुद्र ठाकुर की चाल से दिव्या अधमरी हो जाती है। दुश्मन देवराज को ही कातिल बताकर घेर लेते हैं। जब दिव्या अपने पिता की बाहों में दम तोड़ती है, तो देवराज का दर्द एक खौफनाक गुस्से में बदल जाता है। 18 सालों से खामोश उसकी पुरानी तलवार आज खून पीने के लिए दोबारा उठती है!
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इस एपिसोड की समीक्षा

रात का वो डरावना सच

खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में रात के अंधेरे में छिपा सच सामने आता है। जब वो बूढ़ा आदमी घुटनों पर गिरता है, तो लगता है जैसे उसकी आत्मा टूट गई हो। लाल कवच वाली योद्धा की आँखों में गुस्सा और दर्द दोनों झलकते हैं। चाँदनी रात में ये ड्रामा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हर फ्रेम में तनाव है, हर डायलॉग में दर्द। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सच में दिलचस्प है।

दवा का रहस्य और टूटा दिल

जब वो दवा का डिब्बा गिरता है और टूट जाता है, तो लगता है जैसे उम्मीद भी टूट गई हो। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में ये छोटी सी चीज़ बड़ा दर्द दे जाती है। बूढ़े आदमी की आँखों में आँसू और युवा योद्धा की चुप्पी — दोनों मिलकर एक तूफान बनाते हैं। ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी अभी शुरू हुई है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये ड्रामा देखना सच में दिल को छू लेता है।

योद्धा की चुप्पी में छिपा तूफान

लाल कवच वाली योद्धा जब चुपचाप खड़ी होती है, तो लगता है जैसे वो अपने अंदर के तूफान को रोक रही हो। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में उसकी आँखों में गुस्सा, दर्द और बेबसी सब कुछ झलकता है। जब वो इशारा करती है, तो लगता है जैसे वो किसी को माफ़ नहीं करने वाली। ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी में ещё बहुत कुछ बाकी है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये ड्रामा देखना सच में दिलचस्प है।

चाँदनी रात का खूनी सच

रात के अंधेरे में चाँदनी रोशनी में छिपा सच सामने आता है। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में जब बूढ़ा आदमी घुटनों पर गिरता है, तो लगता है जैसे उसकी आत्मा टूट गई हो। युवा योद्धा की आँखों में गुस्सा और दर्द दोनों झलकते हैं। ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हर फ्रेम में तनाव है, हर डायलॉग में दर्द। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सच में दिलचस्प है।

टूटा डिब्बा, टूटी उम्मीदें

जब वो दवा का डिब्बा गिरता है और टूट जाता है, तो लगता है जैसे उम्मीद भी टूट गई हो। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में ये छोटी सी चीज़ बड़ा दर्द दे जाती है। बूढ़े आदमी की आँखों में आँसू और युवा योद्धा की चुप्पी — दोनों मिलकर एक तूफान बनाते हैं। ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी अभी शुरू हुई है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये ड्रामा देखना सच में दिल को छू लेता है।

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