इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस रुक जाती है। स्कूल यूनिफॉर्म वाली लड़की की मासूमियत और काले कपड़ों वाले शख्स की खामोश ताकत का टकराव देखने लायक है। जब वह कुर्सी पर बैठता है, तो लगता है जैसे पूरा माहौल उसके इशारे पर नाच रहा हो। जेल से निकला शेर में ऐसे ही पल होते हैं जो दिल की धड़कन तेज कर देते हैं। गिरते हुए गुंडे और खामोश खड़ा हीरो - ये सब मिलकर एक बेहतरीन ड्रामा बनाते हैं।