इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। मुख्य खलनायक का गुस्सा और महिला का डर बिल्कुल असली लगता है। जब वह उसे धक्का देता है और वह जमीन पर गिर जाती है, तो दिल दहल जाता है। जेल से निकला शेर जैसे ड्रामे में ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। अभिनेताओं की एक्टिंग ने इस छोटे से फल की दुकान को एक युद्ध के मैदान में बदल दिया है।