कैसीनो की हवा में तनाव इतना गाढ़ा है कि चाकू से काटा जा सके। एक तरफ चीते वाली शर्ट वाला शख्स बंदूक तानकर पागलों की तरह चिल्ला रहा है तो वहीं वेट कोट वाला आदमी सिगार पीते हुए बिल्कुल शांत खड़ा है। यह मनोवैज्ञानिक युद्ध देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जेल से निकला शेर में ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ताकत हथियार में नहीं इंसान की फितरत का खेल है।