जेल से निकला शेर के इस सीन में भावनाओं का तूफान देखने को मिलता है। एक महिला की लाचारी और एक पुरुष का क्रोध इतनी बारीकी से दिखाया गया है कि दर्शक की सांसें रुक जाती हैं। फल की दुकान का माहौल इस तनाव को और भी गहरा बना देता है। जब वह व्यक्ति नोट पर कीमत लिखता है, तो लगता है जैसे इंसानियत की कीमत तय की जा रही हो। यह दृश्य दिल को झकझोर देता है और कहानी के आगे के मोड़ के लिए बेचैनी बढ़ा देता है।