जेल से निकला शेर में एक पिता का संघर्ष दिल को झकझोर देता है। स्कूल के बाहर खड़े होकर वह अपनी बेटी को देखता है, लेकिन गुंडे उसके खाने के ठेले को उलट देते हैं। बेटी की आंखों में आंसू और पिता की मजबूरी देखकर रूह कांप जाती है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखते वक्त मैं भी रो पड़ी। असली जीवन में ऐसे कई पिता हैं जो अपने बच्चों के लिए सब कुछ झेलते हैं। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि गरीबी में भी इंसानियत जिंदा रह सकती है।