झुग्गी का अरबपति में वो सीन जब हीरो बुलडोजर से उतरकर आग में कूदता है, रोंगटे खड़े कर देता है! उसकी आँखों में डर नहीं, बस जिम्मेदारी थी। वो कैसे बिना सोचे समझे जान जोखिम में डाल देता है, ये देखकर दिल दहल गया। असली हीरो वही है जो दूसरों की जान बचाने आगे आए।
झुग्गी का अरबपति की ये कहानी दिखाती है कि कैसे लालच इंसान को अंधा कर देता है। नीली जैकेट वाला शख्स और उसकी साथी कितने बेरहम हैं, ये देखकर गुस्सा आता है। वो बूढ़ी औरत और लड़की की मदद करने के बजाय उन्हें और तकलीफ दे रहे हैं। ऐसे विलेन से नफरत होना लाजिमी है।
झुग्गी का अरबपति के इस एपिसोड में आग का सीन बहुत ही डरावना था। धुएं और लपटों के बीच हीरो का बचाव कार्य देखकर लगा जैसे कोई एक्शन मूवी देख रहा हूँ। लेकिन ये सिर्फ एक्शन नहीं, इंसानियत की जीत थी। जब सब कुछ जल रहा था, तब भी उम्मीद की किरण बाकी थी।
झुग्गी का अरबपति में वो बूढ़ी औरत का दर्द देखकर आँखें नम हो गईं। उसका चेहरा खून से सना था, लेकिन उसकी आँखों में बस अपनी बेटी की चिंता थी। हीरो ने जब उसे सहारा दिया, तो लगा जैसे कोई देवता उतर आया हो। ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं और याद रह जाते हैं।
झुग्गी का अरबपति में हीरो की एंट्री किसी सुपरहीरो से कम नहीं थी। बुलडोजर से उतरते ही उसने आग में कूदकर जान बचाई। उसकी वर्दी और चेहरे का भाव देखकर लगा कि ये इंसान नहीं, फरिश्ता है। ऐसे किरदार ही असली हीरो होते हैं जो मुसीबत में काम आते हैं।