शुरुआत में लग रहा था कि यह रिश्ता टूट जाएगा, लेकिन पिता का गुस्सा अचानक प्यार में बदल गया। जब उन्होंने अपनी बेटी को गले लगाया, तो पूरा माहौल बदल गया। झुग्गी का अरबपति में ऐसे भावनात्मक मोड़ देखकर दिल को सुकून मिला। भोजनालय का दृश्य बहुत ही नाटकीय था, जहां एक पल में सब कुछ बदल गया।
जब लड़की ने 'पिता' का कॉल देखा, तो उसके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। लेकिन बातचीत के बाद उसकी मुस्कान लौट आई। यह दृश्य दिखाता है कि परिवार का साथ कितना जरूरी है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे छोटे-छोटे पल बड़ी कहानी कहते हैं। बैठक कक्ष का माहौल बहुत ही सुखद और असली लगा।
भोजनालय में परिचारक के रूप में आए लड़के ने सबको चौंका दिया। जब उसने भुगतान कार्ड निकाला, तो पता चला कि वह कुछ और ही है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे मोड़ देखकर मजा आता है। पिता का हैरान होना और फिर समझना, यह सब बहुत ही स्वाभाविक लगा। लाल फूल और सजावट ने प्रेमपूर्ण माहौल बनाया।
पहले तो पिता गुस्से में लग रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने अपनी बेटी को गले लगा लिया। यह दृश्य देखकर आंखें नम हो गईं। झुग्गी का अरबपति में ऐसे परिवार के पल बहुत ही दिल को छू लेते हैं। बेटी का रोना और फिर मुस्कुराना, यह सब बहुत ही असली लगा। भोजनालय का वातावरण भी बहुत ही खूबसूरत था।
बैठक कक्ष में बैठे जोड़े का प्यार भरा माहौल बहुत ही प्यारा लगा। जब लड़की ने फोन उठाया और फिर मुस्कुराई, तो लगा कि सब ठीक हो गया। झुग्गी का अरबपति में ऐसे प्रेमपूर्ण दृश्य देखकर दिल खुश हो जाता है। लड़के का सहारा देना और लड़की का उसके कंधे पर सिर रखना, यह सब बहुत ही स्वाभाविक था।