इस दृश्य में बूढ़ी माँ का प्यार और चिंता बहुत ही दिल को छू लेने वाला है। वह अपनी बेटी को संभाल रही है और उसके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी और डर का मिश्रण है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे पल बहुत ही भावनात्मक होते हैं।
नौकर की भूमिका इस दृश्य में बहुत ही महत्वपूर्ण है। वह सब कुछ संभाल रहा है और एक अजीब सी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे पात्रों की भूमिका बहुत ही रोचक होती है।
बेटी के चेहरे पर उलझन और डर साफ़ दिख रहा है। वह अपनी माँ के साथ खड़ी है और कुछ समझ नहीं पा रही है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे पल बहुत ही तनावपूर्ण होते हैं।
पुरुष की चुप्पी इस दृश्य में बहुत ही गहरी है। वह सब कुछ देख रहा है लेकिन कुछ नहीं कह रहा है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे पल बहुत ही रहस्यमयी होते हैं।
कपड़ों की दुकान का दृश्य बहुत ही रंगीन और जीवंत है। वहाँ कई तरह के कपड़े और सामान रखे हुए हैं। झुग्गी का अरबपति में ऐसे दृश्य बहुत ही आकर्षक होते हैं।