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झुग्गी का अरबपतिवां21एपिसोड

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झुग्गी का अरबपति

मौली को उसकी जलती बहन ने मार डाला, क्योंकि उसकी किस्मत अच्छी थी। मौली दोबारा जन्म लेकर आई। उसकी बहन ने उसकी सगाई चुरा ली और उसे झुग्गी में शादी करने को मजबूर कर दिया। पर उसके नए पति निकले छुपे अरबपति। जब बहन उसका मजाक उड़ा रही थी, तभी सबको पता चल गया कि मौली अरबपति की पत्नी है – और कर्म को अपना फल मिल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सोने का हार और खून के दाग

इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। जब वह सुरक्षा जैकेट वाला शख्स उस लड़की को सोने का हार पहनाता है, तो लगता है जैसे किसी अंधेरे में उम्मीद की किरण जली हो। लेकिन फिर नीले सूट वाले पागल की हरकतें देखकर गुस्सा आता है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे मोड़ आते हैं जो दिल को झकझोर देते हैं। उस औरत की चीखें और उस आदमी का पागलपन सब कुछ बर्बाद कर देता है।

ग्रे सूट वाले की एंट्री धमाकेदार

जब ग्रे सूट वाला शख्स बीच में कूदता है, तो लगता है अब सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कहानी तो और भी उलझ जाती है। नीले सूट वाले का गुस्सा देखकर डर लगता है, वह उस औरत का गला दबोच लेता है। ऐसे में झुग्गी का अरबपति का प्लॉट और भी गहरा होता जाता है। हर किरदार का दर्द साफ दिख रहा है, खासकर उस बुजुर्ग औरत का चेहरा जो सब देख रही है। यह ड्रामा आसान नहीं है।

खूबसूरत औरत का संघर्ष

सफेद ड्रेस वाली उस लड़की की आंखों में जो डर है, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जब नीला सूट वाला उस पर हमला करता है, तो लगता है जैसे सब खत्म हो गया। लेकिन ग्रे सूट वाला उसे बचा लेता है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे सीन आते हैं जो रोंगटे खड़े कर देते हैं। उसका मेकअप खराब हो गया है और होंठों पर खून लगा है, फिर भी वह लड़ती रहती है। यह जज्बात देखकर दिल पसीज जाता है।

सुरक्षा जैकेट वाला हीरो

इस कहानी में असली हीरो वही है जो नारंगी जैकेट पहने है। वह चुपचाप सब देख रहा है, लेकिन जब मौका आता है तो वह उस लड़की को हार पहनाकर उसे ताकत देता है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे किरदार ही असली जान होते हैं। जब नीला सूट वाला पागल हो जाता है, तो यह शख्स शांत खड़ा रहता है। उसकी आंखों में जो गुस्सा और दर्द है, वह सब कुछ कह जाता है। यह सीन कभी नहीं भूला जाएगा।

पागलपन की हदें पार

नीले सूट वाले का व्यवहार देखकर लगता है जैसे वह पागल हो गया हो। वह चिल्लाता है, हाथ हिलाता है और फिर उस औरत पर टूट पड़ता है। झुग्गी का अरबपति में ऐसे किरदार दिखाते हैं कि इंसानियत कहां खो गई है। जब ग्रे सूट वाला उसे रोकता है, तो लगता है कि अब शायद शांति होगी। लेकिन नहीं, वह फिर से उठ खड़ा होता है। यह पागलपन कब तक चलेगा, कोई नहीं जानता।

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