जब आग की लपटें बुझ गईं और पानी का दीवार खड़ा हो गया, तो लगा जैसे प्रकृति ने खुद हस्तक्षेप किया हो। डबिंग एक चाल, देवता मोड में यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। भीड़ की चीखें, राजकुमारी के आंसू और बूढ़े जादूगर का हैरान चेहरा - सब कुछ इतना जीवंत था कि लगा मैं भी वहीं खड़ा हूं।
बादलों में घूमता तूफान और बिजली का त्रिशूल - यह सिर्फ विशेष प्रभाव नहीं, भावनाओं का विस्फोट था। डबिंग एक चाल, देवता मोड में वरुण देव का अवतरण देखकर लगा जैसे स्वर्ग से न्याय उतरा हो। उसकी आवाज़ में गुस्सा था, लेकिन आंखों में पिता का दर्द भी था।
उसने मुंह ढका, आंसू बहे, और फिर खुशी से चीख उठी - 'वे ज़िंदा हैं!' इस पल ने दिल छू लिया। डबिंग एक चाल, देवता मोड में उसकी भावनाएं इतनी सच्ची लगीं कि लगा मैं भी उसके साथ रो रहा हूं। प्यार और डर का यह मिश्रण अद्भुत था।
'यह किसने किया?' - उसकी आवाज़ में हैरानी थी, लेकिन आंखों में डर भी। डबिंग एक चाल, देवता मोड में उसका चेहरा देखकर लगा जैसे वह जानता हो कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। उसकी दाढ़ी और आंखें सब कुछ कह रही थीं।
जब भीड़ ने ऊपर देखा और चीखें निकलीं, तो लगा जैसे पूरा शहर हिल गया हो। डबिंग एक चाल, देवता मोड में यह दृश्य इतना शक्तिशाली था कि लगा मैं भी उस भीड़ का हिस्सा हूं। हर चेहरे पर अलग-अलग भाव - डर, आश्चर्य, उम्मीद।