शुरुआत में इशान और उसकी प्रेमिका के बीच जो भावनात्मक विदाई दिखाई गई, वह दिल को छू लेने वाली थी। लेकिन जैसे ही सीन बदला और तूफानी समुद्र के किनारे घोड़े पर सवार होकर वह निकला, कहानी में एक अलग ही रोमांच आ गया। (डबिंग) एक चाल, देवता मोड में यह संक्रमण बहुत शानदार लगा। जब वह ओलंपस की ओर बढ़ता है, तो लगता है कि अब असली युद्ध शुरू होने वाला है।
जब बादलों के बीच से वह विशाल पहाड़ और फिर देवताओं का सिंहासन दिखा, तो सांस रुक गई। विजुअल इफेक्ट्स इतने शानदार हैं कि लगता है आप सच में स्वर्ग में खड़े हैं। इशान का काले लिबास में उस विशाल हॉल में प्रवेश करना और सामने बैठे देवताओं को देखकर उसका हैरान होना, सब कुछ बहुत सिनेमैटिक था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे एपिक सीन देखना सुकून देता है।
जिस तरह से उस विशाल मूर्ति ने इशान से सवाल किया कि उसे ओलंपस में कदम रखने की हिम्मत कैसे हुई, उसमें एक अजीब सा डर और रोमांच था। इशान की आंखों में डर नहीं, बल्कि एक अलग ही चमक थी। लगता है वह किसी बड़े मकसद के लिए आया है। (डबिंग) एक चाल, देवता मोड की कहानी में यह मोड़ बहुत ही दमदार है। अब देखना है कि वह इन देवताओं का सामना कैसे करता है।
पहले हिस्से में जहां इशान अपनी प्रेमिका को छोड़कर जाता है, वहां एक उदासी थी, लेकिन दूसरे हिस्से में जब वह त्रिशूल लेकर तूफानों से लड़ता हुआ आगे बढ़ता है, तो उसमें एक अलग ही ताकत दिखी। यह कहानी सिर्फ प्यार की नहीं, बल्कि अपनी पहचान और शक्ति को पाने की भी है। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज देखकर लगता है कि हर एपिसोड में कुछ नया मिलने वाला है।
काले रेत वाले समुद्र तट से लेकर बादलों के ऊपर बने सफेद महल तक, हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा था। खासकर जब इशान के शरीर पर बिजली कड़कती है और वह सीढ़ियां चढ़ता है, तो लगता है कि कोई सुपरहीरो जाग रहा हो। (डबिंग) एक चाल, देवता मोड का प्रोडक्शन लेवल बहुत हाई है। ऐसे सीन बार-बार देखने का मन करता है।