इस दृश्य में जब नायक ने त्रिशूल उठाया तो पूरा मैदान कांप उठा। उसकी आंखों में नीली चमक और चेहरे पर क्रोध देखकर लगता है कि वह अब सहने वाला नहीं है। डबिंग एक चाल, देवता मोड में यह सीन देखते ही रोंगटे खड़े हो गए। पानी का तूफान और बिजली का प्रहार बिल्कुल असली लग रहा था। दर्शकों की चीखें और डर साफ झलक रहा था स्क्रीन पर।
कवच पहने योद्धा का घमंड टूटते देख बहुत संतोष मिला। जब नायक ने कहा कि जन्म से मिला विशेषाधिकार हक नहीं देता, तो दिल खुश हो गया। डबिंग एक चाल, देवता मोड में यह डायलॉग सुनकर तालियां बजाने का मन किया। पानी के ऊपर खड़ा होकर तूफान लाना किसी जादू से कम नहीं था। नेटशॉर्ट पर ऐसे एपिसोड देखना सुकून देता है।
जब आसमान से बिजली गिरी और पानी का बवंडर खड़ा हुआ, तो लगा जैसे प्रकृति भी नायक के साथ है। डबिंग एक चाल, देवता मोड में यह विजुअल इफेक्ट्स कमाल के थे। भीड़ का भागना और राजा का डरना सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। ऐसा लगा कि अब अंत निकट है। ऐसे सीन बार-बार देखने को मन करता है क्योंकि इनमें जान है।
कवचधारी राजा जब जमीन पर गिरा तो उसका सारा घमंड चूर चूर हो गया। उसकी आंखों में अब डर था, गुस्सा नहीं। डबिंग एक चाल, देवता मोड में यह पल सबसे बेहतरीन था। नायक का गुस्सा और उसकी ताकत सबके सामने थी। दर्शकों की सांसें रुक गई थीं जब पानी ने सबको बहाया। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज देखना बेस्ट डिसीजन था।
नायक की आंखें जब नीली चमकीं तो लगा कि वह इंसान नहीं, कोई देवता है। डबिंग एक चाल, देवता मोड में यह ट्रांसफॉर्मेशन देखकर हैरानी हुई। उसने त्रिशूल से जो ऊर्जा छोड़ी, वह सब कुछ तबाह कर गई। राजा के सैनिक हवा में उड़ गए। ऐसे पल सिर्फ इसी शो में देखने को मिलते हैं। बहुत ही रोमांचक अनुभव रहा।