जब ईशान ने दर्पण तोड़ा, तो सबने उसे राक्षस समझ लिया। लेकिन असल में वह तो सबकी जान बचा रहा था! राजा और उसके दरबारी इतने अंधे कैसे हो सकते हैं? (डबिंग) एक चाल, देवता मोड में यह दृश्य दिल दहला देने वाला है। ईशान की आंखों में गुस्सा और दर्द दोनों साफ दिख रहे थे।
राजा को लगा कि वह सब कुछ जानता है, लेकिन जब ईशान ने सच बोला, तो उसका चेहरा देखने लायक था! 'तुम सब जलकर राख हो गए होते' – यह डायलॉग रोंगटे खड़े कर देता है। (डबिंग) एक चाल, देवता मोड में डायलॉग डिलीवरी शानदार है। राजा की मुस्कान अब डर में बदल गई है।
दर्पण सिर्फ अतीत नहीं दिखाता, बल्कि बुराई का नाश भी कर सकता है – यह बात काउंट ग्रांट ने सही कही। लेकिन राजा ने इसे गलत समझ लिया। ईशान ने दर्पण तोड़कर अपनी शुद्धि शुरू कर दी। (डबिंग) एक चाल, देवता मोड में यह ट्विस्ट बहुत गहरा है। दर्पण टूटते ही आग क्यों बुझ गई? यह सवाल अभी भी दिमाग में है।
जब सबने ईशान को राक्षस कहा, तो एक महिला ने चीखकर कहा – 'नहीं! ईशान कोई राक्षस नहीं है!' यह दृश्य भावनाओं से भरपूर था। (डबिंग) एक चाल, देवता मोड में यह पल दिल को छू गया। भीड़ की आंखों में अब संदेह है, और शायद उम्मीद भी। ईशान की लड़ाई अब अकेले की नहीं रही।
जब भगवान पोसीडॉन ने देखा कि लोग ईशान को राक्षस समझ रहे हैं, तो उनका गुस्सा आसमान तक पहुंच गया। 'इनकी इतनी हिम्मत कि ये पुत्र को राक्षस समझें?' – यह डायलॉग देवताओं के क्रोध को दर्शाता है। (डबिंग) एक चाल, देवता मोड में यह दृश्य एपिक है। अब खेल बदलने वाला है।