शुरुआत में ही विमानों की पंक्ति देखकर रोंगटे खड़े हो गए। आसमान में बादलों के बीच यह कार्रवाई दृश्य किसी बड़ी फिल्म से कम नहीं लग रहा। पायलट की आंखों में जो जुनून दिखा, वह दिल को छू गया। मेरे पापा, देश के हीरो देखकर गर्व महसूस हुआ। हर पल की उत्सुकता बनी रहती है और कहानी आगे बढ़ती है।
चालक कक्ष के अंदर का नज़ारा बहुत ही तकनीकी और रोमांचक है। हरे रंग के पर्दे पर लक्ष्य कब्जा होते देख ऐसा लगा जैसे मैं खुद उड़ रहा हूं। ध्वनि प्रभावों ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया है। पायलट के हाथों का कंपन भी साफ़ दिख रहा था।
वरिष्ठ पायलट के चेहरे पर जो गंभीरता थी, उसने कहानी की गहराई बढ़ा दी। लगता है यह कोई साधारण कार्य नहीं है। हर पल की चुनौती को वह बड़ी बहादुरी से झेल रहे हैं। उनका अनुभव ही उन्हें सबसे अलग बनाता है।
बहुत तेज़ गति जब पार होती है तो पर्दे पर जो कंपन दिखता है, वह चित्रण की गुणवत्ता को बताता है। बादलों को चीरते हुए निकलना किसी सपने जैसा लग रहा था। आवाज़ का गूंजना बहुत असली लगा। यह दृश्य अद्भुत था।
युवा पायलट ने जब सिरकवच पहना तो लगा अब असली लड़ाई शुरू होगी। उसकी आंखों में डर नहीं बल्कि जिम्मेदारी दिखाई दी। ऐसे किरदार दर्शकों को बहुत पसंद आते हैं। मेरे पापा, देश के हीरो में ऐसे किरदार हैं।