शुरुआत में सब कुछ इतना खुशनुमा लग रहा था, दुल्हन की हंसी और मेहमानों की भीड़। लेकिन जैसे ही वह काली साड़ी वाली लड़की आई, माहौल बदल गया। दुल्हन का चेहरा उतर गया, जैसे उसे किसी भूत का सामना करना पड़ रहा हो। यह दृश्य बिल्कुल वह गई, बर्फ़ गिरी वाले पल जैसा था जहां सब कुछ जम जाता है। क्या यह शादी सच में होगी या बस एक नाटक?
जब वह काली चमकदार साड़ी में आई, तो लगा जैसे तूफान आ गया हो। उसकी आँखों में गुस्सा और ठंडक थी, जो सीधे दुल्हन के दिल में उतर गई। दुल्हन की मां और पिता की प्रतिक्रिया देखकर लगा कि यह लड़की कोई साधारण मेहमान नहीं है। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी स्थिति बन गई थी, जहां सब कुछ रुक सा गया था। अब आगे क्या होगा, यह देखना बाकी है।
दुल्हन के पिता का गुस्सा साफ दिख रहा था, जब उन्होंने उस लड़की को देखा। उनकी आवाज में क्रोध और चेहरे पर नफरत थी। दुल्हन बिल्कुल सहम गई थी, जैसे कोई बच्चा डांट खा रहा हो। यह पल बिल्कुल वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा था जहां सब कुछ जम जाता है। क्या यह लड़की उनकी बेटी के लिए मुसीबत बनकर आई है? कहानी में अब ट्विस्ट आने वाला है।
लाल रंग का वह आमंत्रण पत्र सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं था, बल्कि एक धमाका था। जब उसने उसे खोला, तो लगा जैसे उसकी दुनिया हिल गई हो। शादी की तारीख और वह संदेश, जो सब कुछ बदलने वाला था। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा अहसास हुआ जब उसने पढ़ा कि सब कुछ पता चल गया है। अब वह शादी में जाकर क्या करेगी? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है।
दुल्हन और वह काली साड़ी वाली लड़की, दोनों के बीच की नफरत साफ दिख रही थी। दुल्हन की आँखों में डर और उस लड़की की आँखों में चुनौती थी। यह बिल्कुल वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी स्थिति थी जहां दोनों एक दूसरे को घूर रही थीं। क्या यह शादी टूट जाएगी या फिर कुछ और होगा? यह देखना बाकी है कि कौन जीतेगा इस जंग में।
शादी की सजावट और खुशियां सब झूठी लग रही थीं जब वह लड़की आई। दुल्हन की मां की मुस्कान गायब हो गई और पिता का गुस्सा साफ दिख रहा था। यह पल बिल्कुल वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा था जहां सब कुछ रुक सा गया था। क्या यह शादी होगी या फिर कोई बड़ा धमाका होगा? यह देखना बाकी है कि आगे क्या होता है।
वह छोटा सा संदेश, जो आमंत्रण पत्र के साथ था, ने सब कुछ बदल दिया। जब उसने पढ़ा कि सब कुछ पता चल गया है, तो लगा जैसे जमीन खिसक गई हो। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा अहसास हुआ जब उसने देखा कि शादी का कार्ड उसके हाथ में है। अब वह शादी में जाकर क्या करेगी? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है।
दुल्हन की आँखों में आंसू और चेहरे पर डर साफ दिख रहा था जब वह लड़की आई। उसकी मुस्कान गायब हो गई और वह बिल्कुल सहम गई थी। यह पल बिल्कुल वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा था जहां सब कुछ जम जाता है। क्या यह शादी टूट जाएगी या फिर कुछ और होगा? यह देखना बाकी है कि कौन जीतेगा इस जंग में।
वह लड़की काली साड़ी में आई थी, लेकिन उसकी आँखों में आग थी। उसने दुल्हन को ऐसे देखा जैसे उसे निगल जाएगी। यह बिल्कुल वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी स्थिति थी जहां सब कुछ रुक सा गया था। क्या यह लड़की बदला लेने आई है? यह देखना बाकी है कि आगे क्या होता है और कौन जीतेगा इस जंग में।
जब उसने वह लाल लिफाफा खोला, तो लगा जैसे दिल पर कोई भारी पत्थर रख दिया गया हो। शादी का कार्ड और साथ में लिखा वह संदेश, जो सब कुछ बदलने वाला था। उसकी आँखों में आंसू और चेहरे पर सन्नाटा, बिल्कुल वैसा ही जैसा वह गई, बर्फ़ गिरी में होता है जब कोई अपनों से धोखा खाता है। दुल्हन की मुस्कान के पीछे छिपी सच्चाई देखकर रोंगटे खड़े हो गए।