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वह गई, बर्फ़ गिरीवां34एपिसोड

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वह गई, बर्फ़ गिरी

पाँच साल पहले, सिमरन की बहन साक्षी ने शादी से इनकार कर दिया था, तो सिमरन को “मुआवज़ा” बनाकर रुद्र ग्रुप के वारिस रुद्र को दे दिया गया। पाँच साल बाद साक्षी वापस आई तो रुद्र उसके पीछे भागने लगा। तब सिमरन को समझ में आया कि पाँच साल का साथ भी उसे रुद्र का दिल नहीं दिला सका। दिल टूटने के बाद सिमरन ने साक्षी से “बदली शादी” का प्रस्ताव रखा और रुद्र के घर से निकलने का फैसला कर लिया। लेकिन जब रुद्र को पता चला कि उससे शादी करने वाली सिमरन नहीं थी, तब उसे एहसास हुआ कि उसके दिल में सिमरन की जगह पहले से थी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

काली साड़ी वाली लड़की की चुप्पी

उस लड़की की आँखों में जो दर्द था, वो शब्दों से ज्यादा बोल रहा था। बिना कुछ कहे वह सब सह गई। जब लड़के ने उसका हाथ थामा, तो लगा जैसे सब ठीक हो जाएगा। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा मोड़ आया जब वह दोनों साथ चल पड़े। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर मन भर आता है।

लड़के की आँखों में पछतावा

उस लड़के की आँखों में जो पछतावा था, वो साफ़ दिख रहा था। जब दादी ने उसे समझाया, तो उसका चेहरा उतर गया। वह गई, बर्फ़ गिरी वाला पल तो बस उसकी भावनाओं का चरम था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ड्रामा वहीं है।

शादी का माहौल और टेंशन

शादी की सजावट के बीच यह टेंशन बहुत अजीब लग रही थी। लाल गुब्बारे और सुनहरे खंभे, लेकिन चेहरों पर उदासी। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा मोड़ आया जब दादी ने फैसला सुनाया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ड्रामा वहीं है।

दादी की छड़ी और उनका अधिकार

दादी की छड़ी सिर्फ़ सहारे के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकार का प्रतीक थी। जब उन्होंने छड़ी से जमीन पर निशान बनाया, तो सब चुप हो गए। वह गई, बर्फ़ गिरी वाला पल तो बस उनकी ताकत का प्रदर्शन था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ड्रामा वहीं है।

लड़के और लड़की का साथ

जब लड़के ने लड़की का हाथ थामा, तो लगा जैसे सब कुछ ठीक हो जाएगा। उनकी आँखों में जो समझ थी, वो शब्दों से ज्यादा बोल रही थी। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा मोड़ आया जब वह दोनों साथ चल पड़े। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर मन भर आता है।

परिवार की चुप्पी

पीछे खड़े परिवार वालों की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। सब कुछ देख रहे थे, लेकिन कुछ बोल नहीं रहे थे। वह गई, बर्फ़ गिरी वाला पल तो बस उनकी मजबूरी का प्रतीक था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ड्रामा वहीं है।

लड़की की साड़ी और उसका दर्द

काली चमकदार साड़ी में वह लड़की कितनी सुंदर लग रही थी, लेकिन उसकी आँखों में दर्द साफ़ दिख रहा था। जब लड़के ने उसका हाथ थामा, तो लगा जैसे सब ठीक हो जाएगा। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा मोड़ आया जब वह दोनों साथ चल पड़े। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर मन भर आता है।

दादी का फैसला

दादी का फैसला सुनकर सब हैरान रह गए। उन्होंने जो कहा, वो सबके लिए एक सबक था। वह गई, बर्फ़ गिरी वाला पल तो बस उनकी समझदारी का प्रदर्शन था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ड्रामा वहीं है।

लड़के की मुस्कान

जब लड़के ने आखिर में मुस्कुराया, तो लगा जैसे सब कुछ ठीक हो गया। उसकी मुस्कान में जो राहत थी, वो शब्दों से ज्यादा बोल रही थी। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा मोड़ आया जब वह दोनों साथ चल पड़े। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर मन भर आता है।

दादी का आशीर्वाद सबसे बड़ा था

इस दृश्य में दादी का गुस्सा और फिर अचानक आशीर्वाद देना दिल को छू गया। जब उन्होंने लड़के के कंधे पर हाथ रखा, तो लगा जैसे पूरा माहौल बदल गया। वह गई, बर्फ़ गिरी वाला पल तो बस इमोशनल क्लाइमेक्स था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ड्रामा वहीं है।