बैंगनी ड्रेस वाली मां का रोना दिल को चीर गया। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी स्थिति थी जब उसकी बेटी को धक्का मिला। उसने दूल्हे से विनती की लेकिन सब बेकार गया। एक मां की ममता और बेटी की लाचारी का यह टकराव बहुत भारी था।
लाल लिफाफे लेकर खड़े लड़के और बीच में फटा कॉन्ट्रैक्ट। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी स्थिति बन गई जब पता चला कि यह शादी नहीं, बिजनेस डील थी। हॉल की सजावट और लोगों के चेहरे के भाव सब नकली लग रहे थे। असली चेहरा अब सामने आ गया है।
जब कागजात हवा में उड़े और पिताजी हैरान रह गए, तो मजा आ गया। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी खामोशी छा गई। दूल्हे ने अपनी शर्तों पर खेलने का फैसला कर लिया है। अब देखना यह है कि दुल्हन और उसका परिवार इस अपमान का बदला कैसे लेगा।
जिस पल दूल्हे ने कॉन्ट्रैक्ट हवा में उड़ाया, उस पल सबकी सांसें थम गईं। वह गई, बर्फ़ गिरी वाली स्थिति बन गई जब पिताजी का चेहरा पीला पड़ गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामे देखना बहुत रोमांचक है, हर सीन में नया ट्विस्ट है। काले सूट वाले लड़के की एंट्री ने सब बदल दिया।
छड़ी टेकती दादी जब गुस्से में आईं तो माहौल बदल गया। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी खामोशी छा गई। दुल्हन को जबरदस्ती उठाने वाले गार्ड और रोती हुई मां का सीन बहुत इमोशनल था। लगता है इस शादी के पीछे कोई बड़ा राज छिपा है जो अब खुलने वाला है।
जब वह काली चमकदार ड्रेस वाली लड़की सामने आई, तो दुल्हन की जगह हिल गई। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसा अहसास हुआ कि असली खेल तो अब शुरू हुआ है। दूल्हे की नजरें उस पर थीं और दुल्हन बस तमाशबीन बनकर रह गई। यह ट्रायंगल लव स्टोरी बहुत दिलचस्प मोड़ ले रही है।
भूरे सूट वाले पिताजी का लालच साफ दिख रहा था। वह गई, बर्फ़ गिरी वाली स्थिति तब हुई जब दूल्हे ने सब कुछ ठुकरा दिया। कागजात फाड़कर उसने साबित कर दिया कि पैसा सब कुछ नहीं होता। उसकी आंखों में जो आग थी, उसने पूरे हॉल को जला दिया।
सफेद गाउन में दुल्हन का रोना किसी को भी रुला दे। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी ठंडक उसके चेहरे पर थी। जब वह दूल्हे के पैर पकड़ने लगी, तो लगा कि इंसानियत मर गई है। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर दिल भारी हो जाता है, एक्टिंग बहुत नेचुरल है।
नीले सूट और चश्मे वाले दूल्हे का अंदाज ही कुछ और था। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी शांति उसके चेहरे पर थी जब उसने सबको चुनौती दी। कागजात फाड़ने का अंदाज बता रहा था कि वह किसी की नहीं सुनेगा। उसकी स्माइल में छिपा गुस्सा सबसे खतरनाक था।
दुल्हन के घुटनों पर गिरने का दृश्य देखकर रूह कांप गई। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसी ठंडक छा गई जब दूल्हे ने कागजात फाड़े। चमकीले हॉल में यह नाटक देखकर लगता है कि अमीरों की दुनिया में प्यार नहीं, सिर्फ सौदेबाजी चलती है। दुल्हन की आंखों में आंसू और दूल्हे के चेहरे पर घृणा साफ दिख रही थी।