हिम कीट की छाया में बर्फ के नीचे चमकते गोले देखकर रोंगटे खड़े हो गए। शुरुआत में सब मस्ती कर रहे थे, लेकिन जैसे ही बर्फ दरकी, माहौल बदल गया। वो गुलाबी पत्थर असल में कोई जीवित चीज लग रही थी। प्रकृति का गुस्सा कभी भी फट सकता है, ये डर हमेशा बना रहता है।
लड़की का आत्मविश्वास देखकर हैरानी हुई। सब डरे हुए थे और वो बर्फ पर नाच रही थी। हिम कीट की छाया में जब वो उस अजीब पत्थर पर चढ़ी, तो लगा जैसे वो जानबूझकर रिस्क ले रही हो। कभी-कभी बेफिक्री ही सबसे बड़ी गलती बन जाती है।
व्लॉग बनाते वक्त अचानक सब कुछ बदल गया। हिम कीट की छाया में जब वो लड़की कैमरा संभाल रही थी, तो उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। वास्तविक समय में खतरा महसूस करना और उसे रिकॉर्ड करना, ये दोनों चीजें साथ में बहुत तीव्र थीं।
वो गुलाबी रंग का पत्थर बिल्कुल किसी जानवर की खाल जैसा लग रहा था। हिम कीट की छाया में जब सबने उसे छूने की कोशिश की, तो बर्फ में दरारें आने लगीं। शायद वो कोई प्राचीन जीव था जो हजारों साल से सो रहा था और अब जाग गया है।
समूह गतिशीलता बहुत इंटरेस्टिंग थीं। कुछ लोग डरे हुए थे तो कुछ साहसिक मनोदशा में। हिम कीट की छाया में जब वो लड़की अकेले उस पत्थर पर खड़ी हुई, तो बाकी सबने उसे रोका नहीं। क्या ये दोस्ती थी या फिर किसी की योजना?