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हिम कीट की छायावां17एपिसोड

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हिम कीट की छाया

कावेरी को मंगेतर अमित और सहेली तनु ने हिम कीट के मुंह में धकेल दिया। वह उसी दिन लौट आई – अब सब याद है। वह जानती है कि रात दस बजे हमला होगा, पर कोई नहीं मानता। सिर्फ बचाव दल का आदित्य उस पर भरोसा करता है। स्थानीय बुजुर्ग नोक बताता है – कीट आवाज़, गर्मी और खून से आकर्षित होता है। वह कावेरी को ‘मौन पत्थर’ देता है। बचाव दल का हेरी लापरवाही से सबको ले जाता है, सब मरते हैं। अमित और तनु जान बचाने को एक-दूसरे को धोखा देते हैं। कावेरी और आदित्य बच निकलते हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बर्फ़ीली रात का डरावना सच

शुरुआत में सब कुछ इतना सुकून भरा लग रहा था, दोस्तों के साथ बारबेक्यू और हंसी-मज़ाक। लेकिन जैसे ही हिम कीट की छाया ने मोड़ लिया, माहौल एकदम बदल गया। तंबू के अंदर का वो दृश्य जहां बर्फ जमी हुई थी, देखकर रोंगटे खड़े हो गए। पात्रों के चेहरे पर डर साफ़ झलक रहा था, खासकर जब उन्होंने खाली स्लीपिंग बैग देखा। यह शो नेटशॉर्ट ऐप पर देखने लायक है क्योंकि यह आपको अंत तक बांधे रखता है।

दोस्ती या धोखा?

इस कहानी में सबसे दिलचस्प बात पात्रों के बीच का तनाव है। पहले वे एक साथ खाना खा रहे थे, और अगले ही पल वे एक दूसरे पर शक करने लगे। जब लड़के ने तंबू में कदम रखा और उसे सब कुछ जमा हुआ मिला, तो उसकी आंखों में जो भ्रम था, वह लाजवाब था। हिम कीट की छाया की कहानी सिर्फ डर के बारे में नहीं, बल्कि विश्वास टूटने के बारे में भी है। नेटशॉर्ट पर ऐसे थ्रिलर मिलना मुश्किल है जो इतनी गहराई से इमोशन दिखाएं।

विजुअल्स ने दिल जीत लिया

बर्फ़ीले पहाड़ों और रात के आसमान का नज़ारा इतना खूबसूरत था कि मैं बस देखती ही रह गई। लाइटिंग और सेट डिज़ाइन ने उस ठंड को महसूस करा दिया। जब पात्र तंबू के बाहर खड़े थे और पीछे बर्फ़ीली चोटियां थीं, तो लगा जैसे मैं भी वहीं हूं। हिम कीट की छाया ने सिर्फ कहानी से नहीं, बल्कि अपनी सिनेमेटोग्राफी से भी प्रभावित किया। नेटशॉर्ट ऐप पर क्वालिटी इतनी अच्छी होगी, यह उम्मीद नहीं थी। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा था।

अंत में क्या हुआ?

कहानी का क्लाइमेक्स इतना तेज़ी से आया कि मैं समझ ही नहीं पाई। एक पल सब ठीक था, और दूसरे पल तंबू के अंदर सन्नाटा और बर्फ। पात्रों के रिएक्शन बिल्कुल असली लग रहे थे, खासकर जब वे एक दूसरे को देख रहे थे। क्या वाकई कोई गायब हो गया? या यह सब कोई भ्रम था? हिम कीट की छाया ने मुझे सवालों के ढेर छोड़ दिए हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना मज़ेदार है जो दिमाग घुमा दें। मुझे दूसरा सीज़न देखने की बेताबी है।

ठंड से ज्यादा डरावना माहौल

बाहर की ठंड तो थी ही, लेकिन तंबू के अंदर का माहौल और भी ज्यादा डरावना था। जब पात्रों ने देखा कि स्लीपिंग बैग खाली हैं और ज़मीन पर बर्फ जमी है, तो उनकी सांसें रुक सी गईं। हिम कीट की छाया ने दिखाया कि कैसे एक सुहावनी शाम अचानक दुस्वप्न में बदल सकती है। एक्टिंग इतनी दमदार थी कि मैं भी उनके साथ डर गई। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो मेरा नया फेवरेट बन गया है।

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