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हिम कीट की छायावां8एपिसोड

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हिम कीट की छाया

कावेरी को मंगेतर अमित और सहेली तनु ने हिम कीट के मुंह में धकेल दिया। वह उसी दिन लौट आई – अब सब याद है। वह जानती है कि रात दस बजे हमला होगा, पर कोई नहीं मानता। सिर्फ बचाव दल का आदित्य उस पर भरोसा करता है। स्थानीय बुजुर्ग नोक बताता है – कीट आवाज़, गर्मी और खून से आकर्षित होता है। वह कावेरी को ‘मौन पत्थर’ देता है। बचाव दल का हेरी लापरवाही से सबको ले जाता है, सब मरते हैं। अमित और तनु जान बचाने को एक-दूसरे को धोखा देते हैं। कावेरी और आदित्य बच निकलते हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बर्फ़ीली रात का रहस्य

हिम कीट की छाया में दिखाया गया दृश्य सचमुच दिलचस्प है। उत्तरी रोशनी के नीचे बर्फ़ पर खड़े पात्रों की बातचीत में एक अजीब सी तनावपूर्ण हवा है। जैसे ही घड़ी में समय बदलता है, लगता है कि कुछ भयानक होने वाला है। बर्फ़ के नीचे चमकती नीली रोशनी ने तो मेरी रूह कंपा दी। यह दृश्य सिर्फ़ एक पार्टी नहीं, बल्कि किसी बड़ी आपदा की शुरुआत लग रहा है।

पार्टी या ख़तरा?

शुरुआत में सब कुछ मस्ती भरा लग रहा था, आग के चारों ओर दोस्तों का जमावड़ा और हंसी-मज़ाक। लेकिन हिम कीट की छाया में अचानक माहौल बदल जाता है। जब वो लड़का मशाल लेकर बर्फ़ पर खड़ा होता है, तो लगता है कि वो किसी चीज़ से लड़ने की तैयारी कर रहा है। फिर अचानक बर्फ़ फटती है और सबकी हंसी ग़ायब हो जाती है। यह ट्विस्ट सचमुच चौंकाने वाला था।

घड़ी का रहस्य

हिम कीट की छाया में घड़ी का दिखाया जाना बहुत महत्वपूर्ण लगता है। जब लड़की अपनी घड़ी देखती है और उसका चेहरा डर से भर जाता है, तो दर्शक भी घबरा जाता है। ऐसा लगता है कि समय के साथ कुछ गड़बड़ हो रही है। शायद यह घड़ी किसी गिनती का काम कर रही है या फिर किसी ख़तरे का संकेत दे रही है। यह छोटा सा डिटेिल पूरे दृश्य को और भी रहस्यमयी बना देता है।

बर्फ़ के नीचे क्या है?

हिम कीट की छाया में बर्फ़ के नीचे चमकती नीली रोशनी ने सबका ध्यान खींच लिया। ऐसा लगता है कि बर्फ़ के नीचे कोई रहस्यमयी दुनिया छिपी है। जब बर्फ़ फटती है और वो नीली रोशनी बाहर आती है, तो लगता है कि कोई प्राचीन शक्ति जाग उठी है। यह दृश्य सचमुच अद्भुत था और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आगे क्या होने वाला है।

दोस्तों का साथ

हिम कीट की छाया में दोस्तों के बीच की केमिस्ट्री बहुत अच्छी दिखाई गई है। शुरुआत में सब एक-दूसरे के साथ हंसी-मज़ाक कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही ख़तरा आता है, सब एक-दूसरे के पास आ जाते हैं। यह दिखाता है कि मुश्किल वक़्त में दोस्त ही सबसे बड़ा सहारा होते हैं। उनके चेहरे पर डर और चिंता साफ़ दिखाई देती है, जो दर्शकों को भी उसी माहौल में खींच लेती है।

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