इस नाटक में पिता का गुस्सा और बेटी के लिए प्यार देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब विलेन बाइक पर पीछा कर रहा था, तब भी उसने हिम्मत नहीं हारी। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का ये दृश्य सबसे बेहतरीन है। एक्शन और भावनाओं का सही मिश्रण है।
हाईवे पर वो कार पीछा करने का दृश्य देखकर दिल की धड़कन रुक गई थी। विलेन के मास्क वाले गुंडे बहुत डरावने लग रहे थे। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में तनाव बनाए रखने का तरीका कमाल का है। बिल्कुल सिनेमा जैसा अनुभव मिला।
कार के अंदर लड़की का डर और पिता का संघर्ष बहुत असली लगा। यहाँ ये श्रृंखला देखना मेरा पसंदीदा काम बन गया है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड की कहानी में गहराई है। हर कड़ी के बाद अगला देखने का मन करता है।
भूरे सूट वाला विलेन बहुत स्टाइलिश लग रहा था, पर हीरो के आगे उसकी एक नहीं चली। बाइक के करतब बहुत खतरनाक थे। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में एक्शन दृश्यों की प्रस्तुति शानदार है। ऐसे ही और दृश्य चाहिए।
छोटी बच्ची की मासूमियत ने इस एक्शन नाटक में जान डाल दी है। जब वो पिछली सीट पर बैठी थी, तो सबकी चिंता बढ़ गई। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का ये कहानी बहुत अनोखा है। परिवार की सुरक्षा सबसे ऊपर है।
गाड़ी चलाने का कौशल देखकर लग रहा था कि वो चालक हैं। इतनी तेज रफ्तार में भी नियंत्रण बनाए रखना आसान नहीं। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है। दृश्य बहुत स्पष्ट और तीक्ष्ण हैं।
सहयात्री का डर और सहारा दोनों ही बहुत स्वाभाविक लगा। जब उसने चालक को पकड़ा, तो संबंध महसूस हुआ। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में रिश्तों की रसायन अच्छी है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, ये जानना है।
शुरू से लेकर अंत तक ऊब का नाम नहीं है। हर पल में कुछ न कुछ होता रहता है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड की गति बिल्कुल सही है। छुट्टियों पर लगातार देखने के लिए यह श्रेष्ठ चुनौती है। मज़ा आ गया देखकर।
विलेन के गुंडों के काले मास्क बहुत रहस्यमयी लग रहे थे। उनका हमला देखकर हीरो की सूझबूझ सामने आई। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में सस्पेंस का तड़का लगातार बना रहता है। अगली कड़ी कब आएगी?
आखिर में जब कार तेज भागी, तो लगा कि बच गए। पर विलेन पीछे था, तो खतरा टला नहीं। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का अंत बहुत रोमांचक है। ऐसी रोमांचक कहानी देखकर ही असली मज़ा आता है। सबको देखना चाहिए।