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खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्डवां47एपिसोड

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खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड

देश के सबसे बड़े जासूसी दल का सबसे खतरनाक एजेंट, जिसे 'मौत का बादशाह' कहा जाता था। पत्नी के गर्भवती होने पर उसने दुनिया छोड़ दी। पाँच साल बाद वह एक साधारण घरेलू पिता बन चुका है। एक दिन उसकी साली पर गुंडों ने जुल्म किया – तब उसने अपनी असली पहचान सामने रख दी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

जबरदस्त एक्शन सीन

इस फाइट सीन में जो एड्रेनालाईन है वो कमाल की है। काली टैंक टॉप वाला शख्स अपनी ताकत दिखा रहा है तो वहीं कमांडो वर्दी वाले की स्पीड देखते बनती है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का ये एपिसोड दिल धड़कने वाला है। हर मुक्के में जान लगती है और दर्शक बस देखते रह जाते हैं। ऐसे एक्शन से भरपूर सीन देखने को मिलना दुर्लभ है। ये लड़ाई बहुत भयानक लग रही है।

हथियारों का खतरनाक खेल

जब हथियार निकलते हैं तो माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता है। कलाई पर बंधे ब्लेड का डिज़ाइन बहुत खतरनाक लग रहा था। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कहानी को नया मोड़ देता है। दोनों के बीच की दुश्मनी साफ झलकती है। चेहरे के हावभाव बता रहे हैं कि ये लड़ाई आसान नहीं होगी। कोई आसानी से हार मानने वाला नहीं लग रहा है यहाँ पर। सब कुछ बहुत गंभीर है।

नायक का जुनून

टैक्टिकल गियर पहने हुए लड़के की आंखों में जो जुनून है वो लाजवाब है। वो चोट खाकर भी रुकने वाला नहीं है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड की कहानी में ये संघर्ष बहुत अहम लग रहा है। जब वो छाती पकड़ता है तो लगता है सब खत्म हुआ, पर वो फिर उठ खड़ा होता है। ये जिद्द ही नायक को खास बनाती है। दर्शक इस जुनून को सलाम करते हैं। ये बहुत प्रेरणादायक है।

विलेन की खतरनाक हंसी

विलेन वाली शक्ल वाले की स्माइल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसे दर्द का अहसास ही नहीं हो रहा है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में ऐसे किरदार हमेशा चुनौती बनते हैं। वो बार बार उठता है और हमला करता है। ऐसा लगता है जैसे उसे कोई जादूई ताकत मिल गई हो। दर्शक हैरान रह जाते हैं इस ताकत को देखकर। ये किरदार बहुत यादगार बन गया है। इसकी एंट्री धमाकेदार है।

डायलॉग और एक्शन

एक्शन के बीच में जो डायलॉग बाजी होती है वो भी कम नहीं है। दोनों एक दूसरे को चुनौती दे रहे हैं बिना ज्यादा बोले। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का ये अंदाज बहुत पसंद आ रहा है। कभी लगता है नायक हारेगा तो कभी खलनायक। ये अनिश्चितता ही दर्शकों को बांधे रखती है। हर पल नया ट्विस्ट सामने आता है। कहानी बहुत रोचक तरीके से आगे बढ़ रही है। सब कुछ अनपेक्षित है।

खूनी संघर्ष

खून बहने के बाद भी लड़ाई नहीं रुकती है। होठों से खून टपक रहा है पर आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में ऐसे सीन दिल पर भारी पड़ते हैं। ये दिखाता है कि बदले की आग कितनी खतरनाक हो सकती है। दोनों ही अपने मकसद में पक्के लग रहे हैं। कोई पीछे हटने को तैयार नहीं है। ये जंग आखिर तक चलती रहेगी। बहुत खूनी संघर्ष है।

शानदार सेटिंग

लोकेशन बहुत सुनसान और पुरानी लग रही है, जो फाइट के लिए परफेक्ट है। धूल और मिट्टी के बीच ये युद्ध और भी असली लगता है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड की सेटिंग बहुत ही दमदार है। ऐसे खंडहर में लड़ने का अपना ही मजा है। कैमरा एंगल भी बहुत सटीक हैं जो हर मुक्के को कैच करते हैं। निर्देशन की तारीफ करनी पड़ेगी यहाँ पर। माहौल बहुत डरावना है।

पेशेवर लड़ाका

कमांडो वाले की वर्दी देखकर ही अंदाजा हो जाता है कि वो पेशेवर है। उसकी मूवमेंट में एक अनुशासन है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में किरदारों की पोशाक भी कहानी कहती है। वो कैसे बचता है और कैसे वार करता है, सब प्लान किया हुआ लगता है। उसकी ट्रेनिंग साफ झलकती है हर एक्शन में। वो बहुत ही कुशल योद्धा साबित हो रहा है। उसका हुनर देखने लायक है।

मौत का साया

जब चाकू गले के पास आता है तो सांसें रुक जाती हैं। ये वो पल है जब लगता है अब बचना नामुमकिन है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में ऐसे क्लाइमेक्स बहुत तनाव पैदा करते हैं। दर्शक बस यही चाहते हैं कि नायक कैसे बचेगा। ये सस्पेंस बनाए रखना बड़ी कला है जो इस शो में है। हर सीन में नया खतरा सामने आ खड़ा होता है। जानलेवा हमले हो रहे हैं।

अगले भाग का इंतज़ार

आखिर में जो ठहाका वो खलनायक मारता है वो दिमाग में रह जाता है। उसे लगता है वो जीत गया है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का ये अंत हमें अगले एपिसोड के लिए मजबूर करता है। हमें जानना है कि अब क्या होगा। ये सस्पेंस और एक्शन का बेहतरीन मिश्रण है जो बोर नहीं होने देता। कहानी में बहुत गहराई है जो दिख रही है। अगला भाग देखने को उत्सुक हैं।