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खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्डवां44एपिसोड

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खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड

देश के सबसे बड़े जासूसी दल का सबसे खतरनाक एजेंट, जिसे 'मौत का बादशाह' कहा जाता था। पत्नी के गर्भवती होने पर उसने दुनिया छोड़ दी। पाँच साल बाद वह एक साधारण घरेलू पिता बन चुका है। एक दिन उसकी साली पर गुंडों ने जुल्म किया – तब उसने अपनी असली पहचान सामने रख दी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

एक्शन का असली मज़ा

इस शो में एक्शन सीन्स बहुत ही जबरदस्त हैं। पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए कैसे लड़ता है, यह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड नाम ही काफी है बताने के लिए कि कहानी कितनी तनावपूर्ण है। एबेन्डोन फैक्ट्री का माहौल भी बहुत सस्पेंस बनाए रखता है। हर फाइट सीन में नया जोश है। दर्शक को बांधे रखने की क्षमता इसमें है। मुझे यह स्टाइल बहुत पसंद आया और मैं इसे बार बार देख सकता हूं।

बेटी की मासूमियत और पिता का गुस्सा

छोटी बच्ची ने सुरक्षा हेलमेट पहना हुआ है, यह सीन बहुत प्यारा लगा। लेकिन जब खतरा आता है तो पिता का रूद्र रूप देखने लायक है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में इमोशन और एक्शन का बेहतरीन संतुलन है। कंट्रोल रूम वाला ट्विस्ट भी बहुत अच्छा लगा। महिला विलेन का एंट्री धमाकेदार था। कहानी में गहराई है। बच्ची की मासूमियत ने सीन को और भी भावुक बना दिया है।

सस्पेंस से भरी कहानी

कहानी में हर मोड़ पर नया ट्विस्ट है। कभी लगता है हीरो जीत गया, तो कभी नए दुश्मन आ जाते हैं। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत लिखी गई है। स्कूल मास्क वाले विलेन काफी डरावने लग रहे थे। अंत में महिला का हमला देखकर हैरानी हुई। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। निर्देशन भी बहुत शानदार रहा है इसमें।

विलेन का लुक बहुत यूनिक

खलनायकों ने काले कपड़े और खोपड़ी वाले मास्क पहने हुए हैं, जो काफी डरावना लग रहा था। हीरो ने बिना किसी डर के उनका सामना किया। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में विलेन का डिजाइन बहुत क्रिएटिव है। फाइटिंग स्टाइल भी वास्तविक लगती है। पुरानी इमारत का सेट भी कहानी के मूड के साथ पूरी तरह फिट बैठता है। यह एक पूरा एक्शन से भरपूर कार्यक्रम है।

पिता का जज्बात देखकर रुलाई आ गई

जब पिता अपनी बेटी के सामने खड़ा होता है तो उसकी आंखों में डर नहीं बस जिद्द दिखती है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि इमोशनल जर्नी भी है। बच्ची की मासूमियत और पिता का संघर्ष दिल को छू लेता है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखना एक बेहतरीन अनुभव रहा है मुझे। सबको देखना चाहिए। परिवार के साथ देखने लायक है।

कंट्रोल रूम का सीन चौंका देने वाला

दो आदमी स्क्रीन देख रहे थे और अचानक एक महिला ने हमला कर दिया। यह सीन बहुत ही तेजी से आया। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में ऐसे ट्विस्ट्स बार-बार देखने को मिलते हैं। महिला का काला ड्रेस और गुस्सा वाला चेहरा बहुत प्रभावशाली था। कहानी आगे बढ़ने के साथ और रोचक होती जा रही है। हर सीन में नया सस्पेंस बना हुआ है।

सेटिंग और माहौल बहुत दमदार

पुरानी फैक्ट्री और जंग लगा हुआ इलाका कहानी को एक अलग ही लेवल पर ले जाता है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का दृश्य शैली बहुत प्रभावशाली है। बारिश और कीचड़ में लड़ाई करने का सीन बहुत वास्तविक लगा। कैमरा कोण भी बहुत अच्छे चुने गए हैं जो एक्शन को और बढ़ाते हैं। माहौल बहुत ही डरावना और रोमांचक है।

हीरो की एक्टिंग लाजवाब

मुख्य किरदार ने बिना डरे सभी दुश्मनों का सामना किया। उसकी बॉडी लैंग्वेज और एक्सप्रेशन बहुत नेचुरल थे। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में हीरो का प्रदर्शन सबसे खास है। वह जब गुस्से में होता है तो स्क्रीन पर आग लगा देता है। दर्शक के रूप में मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया। एक्टिंग में दम है।

बच्ची का किरदार बहुत प्यारा

छोटी बच्ची ने कवच पहना हुआ है और वह बहुत बहादुर लग रही है। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड में बच्चे का किरदार सिर्फ शोपीस नहीं बल्कि कहानी का हिस्सा है। वह पिता के साथ कैसे चलती है यह देखना अच्छा लगा। ऐसे फैमिली एक्शन ड्रामा बहुत कम देखने को मिलते हैं आजकल। बच्ची की अदाएं बहुत प्यारी हैं।

अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतज़ार

कहानी अभी अधूरी लग रही है और जानना चाहते हैं कि आगे क्या होगा। खतरनाक डैडी: बेटी का बॉडीगार्ड का अंत बहुत अच्छा था। महिला विलेन कौन है और उसका मकसद क्या है यह जानना जरूरी है। कुल मिलाकर यह शो मनोरंजन से भरपूर है और बिल्कुल निराश नहीं करता। अगले भाग का इंतज़ार रहेगा।