परिवार के सदस्यों की आँखों में पछतावा साफ़ दिख रहा है। शनाया के जाने के बाद घर की रौनक गायब हो गई थी, लेकिन अब न्या के १८वें जन्मदिन पर सब कुछ बदलने वाला है। डबिंग ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में दिखाया गया है कि कैसे एक गलती ने सबको झकझोर दिया। अब वे न्या को खुश करने के लिए सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं।
१० लग्जरी कारें, हीरे-जड़ाऊ गहने और १० बंगले! परिवार न्या को मनाने के लिए अपनी दौलत लुटा रहा है। लेकिन क्या सिर्फ़ उपहारों से टूटे रिश्ते जुड़ सकते हैं? डबिंग ३० साल जमे, ३ भाई पछताए की कहानी बताती है कि असली कीमत प्यार की होती है, न कि हीरों की। न्या का चेहरा देखकर लगता है कि उसे सब कुछ पता है।
जब सब न्या के लिए तोहफे सजा रहे थे, तब शनाया दरवाज़े के पीछे छिपी सब देख रही थी। उसकी आँखों में साफ़ जलन और गुस्सा था। उसे लगता है कि यह सब उसका हक़ था। डबिंग ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में यह ट्विस्ट बहुत दमदार है। शनाया अब चुप नहीं बैठेगी, यह तो तय है। आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
माँ की आँखों में आँसू और पिता के चेहरे पर शर्मिंदगी। उन्होंने मान लिया कि उन्होंने न्या के साथ अन्याय किया। 'हमने बड़ी गलती की' - यह डायलॉग दिल को छू लेता है। डबिंग ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में परिवार के टूटने और जुड़ने का सफर बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। उम्मीद है न्या उन्हें माफ़ कर देगी।
तीनों भाइयों ने न्या को खुश करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। एक ने कारें खरीदीं, दूसरे ने गहने और तीसरे ने बंगले। लेकिन क्या न्या को इन चीज़ों की ज़रूरत है? डबिंग ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में दिखाया गया है कि भाइयों का प्यार अभी भी बाकी है, बस उसे सही रास्ता चाहिए।