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(डबिंग) 30 साल जमे, 3 भाई पछताएवां43एपिसोड

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(डबिंग) 30 साल जमे, 3 भाई पछताए

"लगातार अपने तीन भाइयों का बुरा बर्ताव सहने के बाद, छोटी बहन इंसान को क्रायोप्रिज़र्व करने के एक प्रयोग में भाग लेती है, जिसमें उसे जमाकर तीस सालों के लिए सुला दिया जाता है. तीनों भाइयों को पछतावा होता है."
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इस एपिसोड की समीक्षा

आँखों का कर्ज

जब शनाया ने कहा कि वो तुम्हारी आँखें बन जाएगी, तो दिल टूट गया। नेत्रदान का वो पल और फिर अस्पताल का दृश्य देखकर रोना आ गया। (डबिंग) ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में इतना भावनात्मक मोड़ कम ही देखा है। शनाया की कुर्बानी और रोहित का पछतावा दिल को छू लेता है।

स्टेला प्रोग्राम का सच

शनाया ने सबको धोखा दिया या खुद को? जब पर्दा हटा और 'स्टेला स्लीपिंग प्रोग्राम' दिखा, तो सबके चेहरे उतर गए। (डबिंग) ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में ये मोड़ बहुत गहरा था। शनाया की चमकती पोशाक और फिर उसका गायब होना... सब कुछ योजना थी क्या?

रोहित का पोस्टर और पछतावा

बारिश में भीगकर पोस्टर संभालना और फिर रोहित को वो पोस्टर देना... वो पल यादगार है। (डबिंग) ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में रोहित का किरदार सबसे ज्यादा टूटा हुआ लगता है। जब वो संदूक से पोस्टर निकालता है और रोता है, तो लगता है जैसे वो शनाया को वापस बुला रहा हो।

माँ का दर्द और अपनाने का कागज

जब माँ ने अपनाने का कागज देखा और रो पड़ी, तो सबकी आँखें नम हो गईं। (डबिंग) ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में ये दृश्य सबसे ज्यादा दर्दनाक था। 'तुम्हें जीने का कोई हक नहीं' — ये शब्द सुनकर दिल दहल गया। माँ का पछतावा और बेटे का सहारा... बहुत भारी था।

तीन भाइयों का पछतावा

तीनों भाई अलग-अलग चीजें निकालते हैं और हर चीज उनके पछतावे को दर्शाती है। (डबिंग) ३० साल जमे, ३ भाई पछताए में ये संदूक सिर्फ सामान नहीं, बल्कि उनकी गलतियों का सबूत है। दूरबीन, पोस्टर, पदक — हर चीज एक कहानी कहती है।

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