कबीर कुमार का परिचय सुनकर सब हैरान रह गए। लगता है नाम में ही कुछ जादू है। कबीर सिंह का नाम सुनते ही माहौल बदल गया। अनन्या की चाहत अब स्पष्ट हो गई है। वह भी रेसिंग किंग बनना चाहती है। इस बीच (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का जिक्र आना मजेदार था। देवेंद्र से उम्मीदें बढ़ गई हैं। क्या वह पुराने टीम को जानते हैं? यह देखना दिलचस्प होगा। युवा स्पीड कप में शामिल होना आसान नहीं है। शर्तें कठिन हैं। सबको अपनी काबिलियत दिखानी होगी। कबीर कुमार शांत बैठे हैं।
नाम बदलने वाली बात पर हंसी आई। हुडी वाले ने कहा अगर मैं कबीर सिंह रख लूं तो क्या होगा। देवेंद्र ने चुप रहने को कहा। गंभीरता बढ़ गई है। अनन्या को प्रोफेशनल रेसर बनना है। पर मौका नहीं मिला। अब शर्त आ गई है। (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा वाली लाइन बहुत प्यारी लगी। कबीर कुमार शांत बैठे हैं। उनकी असली पहचान क्या है? यह रहस्य बना हुआ है। सबकी नजरें एक दूसरे पर हैं। तनाव साफ दिख रहा है।
अनन्या की खामोशी सब कुछ कह रही है। वह कबीर सिंह को देखकर प्रेरित हुई है। पर अब रास्ते में रुकावटें हैं। प्रोफेशनल रेसर की शर्त मुश्किल है। देवेंद्र से सवाल पूछे गए। क्या वह मदद करेंगे? (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का संदर्भ अजीब लगा। पर कहानी आगे बढ़ रही है। कबीर कुमार के चेहरे पर मुस्कान है। शायद वह कुछ जानते हैं। माहौल में तनाव साफ दिख रहा है। सबको समाधान ढूंढना होगा।
देवेंद्र के گذشته पर सवाल उठे हैं। क्या वह प्रोफेशनल टीम में थे? काले कोट वाली ने कड़ी आवाज़ में पूछा। सबकी सांसें रुक गईं। कबीर कुमार चुपचाप सुन रहे हैं। हुडी वाले ने बीच में बोलने की कोशिश की। पर उसे रोका जाता है। (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का नाम लेना सही लगा। कहानी में मोड़ आने वाला है। रेसिंग की दुनिया कठिन है। सबको अपनी काबिलियत दिखानी है। देवेंद्र पर दबाव बढ़ गया है।
युवा स्पीड कप की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पर शर्तें अजीब हैं। प्रोफेशनल ड्राइवर जरूरी है। पर मिलेंगे कहाँ से? कबीर सिंह का नाम सबके जुबान पर है। कबीर कुमार अलग इंसान हैं। यह उलझन मजेदार है। (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का जिक्र हर जगह हो रहा है। देवेंद्र पर दबाव बढ़ गया है। काले कोट वाली ने सही सवाल पूछा। पुराने दिन याद आ गए होंगे। सबको साथ आना होगा।
कबीर कुमार की एंट्री धमाकेदार है। वह शांत बैठे हैं पर सबकी नजर उन पर है। नाम सुनकर सब चौंक गए। कबीर सिंह रेसिंग किंग है। पर यह कबीर कुमार है। फर्क स्पष्ट हो गया। (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा वाली बात बीच में आई। अनन्या की खामोशी बोल रही है। वह रेसिंग देखना चाहती है। देवेंद्र को हल निकालना होगा। कहानी तेज रफ्तार से बढ़ रही है। सब उत्सुक हैं।
मीटिंग का माहौल बहुत तनावपूर्ण है। सब एक दूसरे को देख रहे हैं। कबीर कुमार के हाथ जुड़े हुए हैं। वह कुछ छिपा रहे हैं। हुडी वाले ने मजाक किया नाम बदलने पर। पर देवेंद्र गंभीर हैं। (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का नाम लेना अनोखा था। अनन्या को मौका चाहिए। प्रोफेशनल रेसर बनना सपना है। पर रास्ते में मुश्किलें हैं। सबको साथ आना होगा। समय कम बचा है।
सूट वाले ने सही बात कही। तुम रेस में जाते हो, रेसर को नहीं जानते? यह सवाल तीखा था। अनन्या ने जवाब दिया। प्रोफेशनल के लिए नहीं है। मौका कहाँ मिलेगा? (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का जिक्र कहानी को हल्का करता है। कबीर कुमार मुस्कुरा रहे हैं। शायद वह मदद करेंगे। देवेंद्र पर जिम्मेदारी है। अनन्या का सपना पूरा होगा या नहीं। यह देखना बाकी है।
अनन्या की कहानी दिल को छू गई। उसने रेसिंग देखी और प्रेरित हुई। पर अब शर्तें आड़ी आ रही हैं। देवेंद्र से उम्मीद है। क्या वह पुराने संपर्क का उपयोग करेंगे? कबीर कुमार चुप हैं। (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का नाम बार बार आ रहा है। यह नाटक देखने लायक है। सबके चेहरे पर चिंता है। रेसिंग कप में हिस्सा लेना जरूरी है। सबको कोशिश करनी होगी।
अंत में सबकी नजरें देवेंद्र पर हैं। क्या वह जानते हैं किसी को? काले कोट वाली ने कड़ा सवाल पूछा। प्रोफेशनल टीम का जिक्र हुआ। कबीर कुमार की मौजूदगी रहस्यमयी है। वह कुछ जानते हैं। (डबिंग) बहको, कार धोने वाले चाचा का संदर्भ मजेदार था। कहानी में उतार चढ़ाव हैं। अनन्या की चाहत पूरी होगी। कबीर सिंह का नाम छाया हुआ है। यह कड़ी बहुत अच्छी रही। सब इंतजार कर रहे हैं।