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नौ लोकों के देवतावां1एपिसोड

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नौ लोकों के देवता

नायक कभी सूर्य देश का युद्ध देवता था। फिर एक दिन वह गिर गया – अंधा, बेकार, सबकी नज़र में अपमानित। वह कैदी भी रहा। पर जब उसकी आत्मा शरीर से अलग हुई, तो उसे दैवीय संयोग मिला – एक नई दुनिया दिखी। उसके पास जज़्बा है, सपने हैं। वह मरकर भी अपने देश और परिवार की रक्षा करेगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंखों पर पट्टी और दर्द

आदित्य शर्मा की आंखों पर पट्टी देखकर दिल बहुत दुखी हो गया। वह सेनापति होकर भी इतना अकेला क्यों है? प्रिया की चिंता साफ दिख रही थी। जब उसने तलवार उठाई तो लगा कि अब बदलाव आएगा। नौ लोकों के देवता में ऐसा दर्द कम ही देखा है। काश वह अपनी आंखें खोल पाता और सच देख पाता। दुनिया की सच्चाई जान पाता। उसकी तकलीफ देखकर रोना आ गया। हर कोई उसका साथ देना चाहता था। लेकिन वह अकेला ही लड़ता रहा। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला था। मुझे बहुत पसंद आया।

विश्वासघात की कहानी

राजीव वर्मा का चेहरा देखकर ही समझ आ गया कि वह विश्वासघाती है। शाही परिवार का रिश्तेदार होकर भी उसने धोखा दिया। भीड़ का गुस्सा जायज था। जब प्रिया ने भाई को बचाने के लिए कदम बढ़ाया तो रोंगटे खड़े हो गए। नौ लोकों के देवता की कहानी में यह मोड़ बहुत तेज था। सबको हैरानी हुई। कोई उम्मीद नहीं थी। उसने सबके सामने सच बोलने की हिम्मत दिखाई। यह बहुत बहादुरी का काम था। मुझे यह किरदार नापसंद हुआ। लेकिन कहानी अच्छी लगी।

बर्फबारी में युद्ध

बर्फबारी वाली रात की लड़ाई सबसे बेहतरीन थी। रुद्र सिंह की ताकत देखकर डर लग रहा था। आदित्य घायल होकर भी नहीं रुका। खून और बर्फ का मिश्रण बहुत खूबसूरत लगा। विशेष प्रभाव का इस्तेमाल जगह-जगह पर सही था। नौ लोकों के देवता के एक्शन सीन देखने लायक हैं। मुझे बहुत पसंद आए। बार बार देखने को मन करता है। तलवारों की आवाज गूंज रही थी। रात का अंधेरा और रोशनी का खेल कमाल का था। हर पल रोमांच से भरा था।

बहन का साहस

प्रिया शर्मा का किरदार बहुत मजबूत लगा। उसने सिर्फ रोना नहीं बल्कि लड़ना चुना। जब वह तलवार लेकर निकली तो सब हैरान रह गए। भाई और बहन का रिश्ता इस शो की जान है। नौ लोकों के देवता में महिला किरदारों को अच्छी जगह दी गई है। मुझे यह पसंद आया। बहुत प्रेरणादायक लगा। सबको देखना चाहिए। उसकी आंखों में आंसू थे लेकिन हौसला नहीं टूटा। यह सच्ची बहन का प्यार था। मैं इसकी प्रशंसा करती हूं।

जादुई शक्तियां

मसानो और रुद्र सिंह दोनों ही खतरनाक दुश्मन हैं। उनकी शक्तियां जादुई लगती हैं। जब आदित्य ने अपनी शक्ति दिखाई तो पूरा मैदान बदल गया। रात का दृश्य बहुत डरावना और रोमांचक था। नौ लोकों के देवता में जादू और युद्ध का संगम अच्छा है। देखने में मजा आया। रोमांच बना रहा। हाथों से निकलती रोशनी अद्भुत थी। दुश्मन डर कर भाग रहे थे। यह शक्ति कहां से आई? यह सवाल बना हुआ है।

भीड़ का गुस्सा

भीड़ जब जनरल के घर के बाहर इकट्ठा हुई तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। पत्थर और सब्जियां फेंकना सही नहीं था। आदित्य चुपचाप सब सहता रहा। उसका धैर्य देखकर सम्मान बढ़ा। नौ लोकों के देवता में धैर्य और क्रोध का टकराव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। दिल को छू गया। आंसू आ गए। लोग बिना वजह गुस्सा कर रहे थे। लेकिन वह शांत रहा। यह उसकी महानता थी। मुझे यह बात बहुत अच्छी लगी।

दिव्य अंत

अंत में जब आदित्य हवा में उड़ा तो लगा कि वह अब इंसान नहीं रहा। सफेद कपड़े और पीछे बादल का दृश्य दिव्य लग रहा था। सारस पक्षी पर सवार होना पुरानी कहानियों जैसा था। नौ लोकों के देवता का अंत बहुत आध्यात्मिक था। मुझे यह दृश्य बहुत याद रहेगा। हमेशा याद रहेगा। दिल में बस गया। वह ऊपर की ओर जा रहा था। जैसे वह स्वर्ग जा रहा हो। यह बहुत सुंदर अंत था। सबको पसंद आएगा।

घायल योद्धा

आदित्य के चेहरे पर खून के निशान देखकर तकलीफ हुई। वह दर्द में था लेकिन हारा नहीं। उसकी आंखों पर पट्टी रहस्य बनाए रखती है। क्या वह वापस देख पाएगा? नौ लोकों के देवता में सस्पेंस बना हुआ है। अगले भाग का इंतजार नहीं हो रहा है। जल्दी आना चाहिए। बेसब्री है। उसकी सांसें तेज चल रही थीं। लेकिन वह डटा रहा। यह उसकी जिद्द थी। मुझे यह जिद्द पसंद आई। बहुत अच्छा लगा।

सुंदर दृश्य

पोशाकें और सेट डिजाइन बहुत शानदार हैं। पुराने जमाने का महल और बगीचा सही लगा। फूल झड़ने का दृश्य बहुत रोमांटिक था। आदित्य और प्रिया के बीच की चुप्पी भी बहुत कुछ कहती है। नौ लोकों के देवता की दृश्य गुणवत्ता बहुत अच्छी है। नजरें नहीं हटतीं। बहुत सुंदर है। रंग बहुत गहरे थे। कपड़ों की बनावट अच्छी थी। हर चीज में मेहनत दिख रही थी। यह एक कलाकृति जैसा था। मुझे बहुत भाया।

गहरा संदेश

कहानी में उतार-चढ़ाव बहुत है। कभी शांति तो कभी युद्ध। राजीव जैसे लोग समाज में होते हैं। आदित्य जैसे योद्धाओं की जरूरत है। नौ लोकों के देवता ने मुझे भावनात्मक कर दिया। यह शो देखने के बाद दिल भारी हो जाता है। बहुत गहरा असर हुआ। सोचने पर मजबूर कर दिया। हमें क्या सही है क्या गलत। यह सवाल उठता है। कहानी बहुत गहरी है। सबको देखनी चाहिए। बहुत पसंद आई।