इस दृश्य में बादल क्रेन संत की शक्ति बहुत देखने लायक है। जब उन्होंने जादुई छड़ी घुमाई तो आसमान में चमक फैल गई। नौ लोकों के देवता में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। युवा शिष्य की आंखों में आश्चर्य साफ दिख रहा था। नेटशॉर्ट पर दृश्य की गुणवत्ता बहुत साफ है। मुझे यह जादुई दुनिया बहुत पसंद आई।
बाजार का दृश्य अचानक बदल गया और विक्रम गुप्ता की एंट्री धमाकेदार हुई। लोग इधर उधर भाग रहे थे और सब्जियां हवा में उड़ रही थीं। नौ लोकों के देवता की कहानी में यह मोड़ बहुत रोमांचक लगा। मुझे ऐसे एक्शन सीन बहुत पसंद आते हैं जहां बिना डायलॉग के ही कहानी आगे बढ़े।
सरिता सिंह जब घोड़े पर सवार होकर आईं तो उनका रुआब देखते ही बनता था। काले कवच में वह किसी योद्धा से कम नहीं लग रही थीं। रुद्र सिंह की बेटी होने का गर्व उनकी आंखों में साफ झलक रहा था। नौ लोकों के देवता में महिला पात्रों को इस तरह दिखाना सराहनीय है।
बादलों के ऊपर का दृश्य बहुत ही सुंदर बनाया गया है। ऐसा लग रहा था जैसे हम किसी दूसरी दुनिया में हैं। युवा शिष्य और गुरु के बीच का संवाद बिना शब्दों के भी बहुत गहरा था। नौ लोकों के देवता के विजुअल्स ने मुझे हैरान कर दिया। मैं इसे बार बार देखना चाहता हूं।
गुरु द्वारा शिष्य को शक्ति देने का पल बहुत भावुक था। युवा लड़के के चेहरे पर सम्मान और डर दोनों दिख रहे थे। नौ लोकों के देवता में ऐसे रिश्तों को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। मुझे यह पुराना समय का अंदाज बहुत अच्छा लगा। दृश्य प्रस्तुति बहुत सहज थी।
जब युवा शिष्य ने अपनी शक्ति का प्रयोग किया तो पीले रंग की चमक चारों तरफ फैल गई। पहाड़ टूटने का दृश्य बहुत भव्य था। नौ लोकों के देवता में ऐसे कड़ी देखकर मजा आ गया। विक्रम गुप्ता का किरदार भी बहुत रहस्यमयी लग रहा है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
सभी पात्रों के कपड़े बहुत ही शानदार थे। सफेद वस्त्रों में बादल क्रेन संत किसी देवता जैसे लग रहे थे। नौ लोकों के देवता में पोशाक डिजाइन पर बहुत मेहनत की गई है। बाजार के दृश्य में आम लोगों के कपड़े भी उस समय के अनुसार ही थे। यह बारीकरी मुझे बहुत पसंद आया।
कहानी में बहुत सारे राज छिपे हुए हैं। विक्रम गुप्ता क्यों हंस रहा था यह समझना मुश्किल था। नौ लोकों के देवता की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है। हर दृश्य के बाद नया सवाल खड़ा हो जाता है। मैं अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। नेटशॉर्ट पर देखना बहुत आसान है।
सैनिकों के दौड़ने और घोड़ों की टापों की आवाज बहुत असली लग रही थी। सरिता सिंह के आने से माहौल में तनाव बढ़ गया। नौ लोकों के देवता में एक्शन दृश्य की प्रस्तुति बहुत अच्छी है। मुझे यह युद्ध का माहौल बहुत रोमांचक लगा। दृश्य की गति भी बहुत अच्छी थी।
इस वीडियो ने मुझे बहुत प्रभावित किया। जादू और युद्ध कला का मिश्रण बहुत अच्छा था। नौ लोकों के देवता जैसे कार्यक्रम देखकर मन को शांति मिलती है। सभी कलाकारों ने अपने किरदार को बहुत अच्छे से निभाया है। मैं अपने दोस्तों को भी यह जरूर बताऊंगा। यह एक बेहतरीन कड़ी है।