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नौ लोकों के देवतावां21एपिसोड

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नौ लोकों के देवता

नायक कभी सूर्य देश का युद्ध देवता था। फिर एक दिन वह गिर गया – अंधा, बेकार, सबकी नज़र में अपमानित। वह कैदी भी रहा। पर जब उसकी आत्मा शरीर से अलग हुई, तो उसे दैवीय संयोग मिला – एक नई दुनिया दिखी। उसके पास जज़्बा है, सपने हैं। वह मरकर भी अपने देश और परिवार की रक्षा करेगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बदले का पल बहुत संतोषजनक था

जब युवक ने बिना कुछ कहे वह लकड़ी का जुर्म पहना दिया, तो मज़ा आ गया। उसकी आँखों में ठंडक थी और सामने वाले की घबराहट साफ़ दिख रही थी। नौ लोकों के देवता में ऐसे पल बार-बार देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। सजा मिलनी चाहिए थी उसे जो दूसरों को फंसाता है। यह बदला बहुत संतोषजनक लगा। दर्शक भी इसका आनंद ले रहे हैं। हर कोई इसकी चर्चा कर रहा है। यह शो बहुत अच्छा है।

सम्राज्ञी का रौबदार अंदाज़

सिंहासन पर बैठे सम्राज्ञी का रौबदार अंदाज़ देखते ही बनता था। उसकी हर हरकत में शक्ति का अहसास था। जब उसने आदेश दिया, तो पूरे दरबार में सन्नाटा छा गया। नौ लोकों के देवता में ऐसे दृश्य इस शो की खासियत हैं। कपड़े और सजावट भी बहुत भव्य लग रहे थे। कहानी में जो राज़ छिपा है उसे जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। हर कोई इसका दीवाना है। आगे क्या होगा देखना है। सब इंतज़ार कर रहे हैं।

चालाक अधिकारी की करनी

वह बूढ़ा अधिकारी खुद को बहुत चालाक समझ रहा था, लेकिन अंत में वही फंस गया। जब उसकी गर्दन उस लकड़ी के पट्टे में आई, तो उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं। नौ लोकों के देवता की कहानी में ऐसा उलटफेर बहुत रोमांचक लगता है। किसी के साथ बुरा करो तो वापस मिलता ही है। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया। सब हैरान रह गए। लोग इसकी बातें कर रहे हैं। सबको पसंद आया।

युवक का आत्मविश्वास देखते बना

युवक के कंधों पर सोने की सजावट और उसके सफेद कपड़े उसे बाकी सबसे अलग दिखा रहे थे। वह जंजीरों में था फिर भी सबसे आज़ाद लग रहा था। उसका आत्मविश्वास देखकर लगता था कि वह सब कुछ पहले से जानता था। नौ लोकों के देवता में ऐसे किरदार निभाना आसान नहीं होता। अभिनेता ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं। सबको पसंद आ रहा है। बहुत अच्छा लगा।

दरबार का तनावपूर्ण माहौल

दरबार का माहौल बहुत तनावपूर्ण था। सभी अधिकारी एक लाइन में खड़े थे और बीच में बहस चल रही थी। मोमबत्तियों की रोशनी में सब कुछ और भी नाटकीय लग रहा था। नौ लोकों के देवता में ऐसे सीन्स की वजह से ही हम जुड़े रहते हैं। हर पल कुछ नया होने वाला होता है। यह शो बिल्कुल बोरिंग नहीं है। देखने में बहुत मज़ा आता है। सब देख रहे हैं। लोग पसंद कर रहे हैं।

जादूई बदलाव ने हैरान किया

जब वह लकड़ी का ढांचा अचानक बदला, तो मैं भी हैरान रह गया। ऐसा लगा जैसे कोई जादू हो गया हो। युवक ने बिना हाथ हिलाए सब कुछ कर दिखाया। नौ लोकों के देवता में यह शक्ति कहाँ से आई, यह जानना जरूरी है। कहानी में रहस्य बना हुआ है। अगले एपिसोड का इंतज़ार नहीं हो रहा है। जल्दी आना चाहिए। सब इंतज़ार कर रहे हैं। लोग बातें कर रहे हैं।

विलेन को मिला कड़ा सबक

उस बूढ़े आदमी का गुस्सा देखकर लग रहा था कि वह कुछ भी कर गुजरेगा। उसने उंगली उठाकर आरोप लगाया, लेकिन उसका अपना ही खेल बिगड़ गया। नौ लोकों के देवता में ऐसे विलेन किरदार बहुत अच्छे लगते हैं। जब उन्हें सबक मिलता है तो मज़ा दोगुना हो जाता है। यह दृश्य बहुत ही शानदार था। सबको पसंद आया। लोग बातें कर रहे हैं। सब देख रहे हैं।

सम्राज्ञी की चुप्पी और ताकत

सम्राज्ञी के चेहरे के भाव बहुत गहरे थे। वह सब कुछ देख रही थी लेकिन चुप रही। जब उसने बात की तो उसकी आवाज़ में ठंडक थी। उसकी पोशाक काली और सुनहरी थी जो उसकी ताकत दिखा रही थी। नौ लोकों के देवता में ऐसे पात्र कहानी को आगे बढ़ाते हैं। मुझे इस शो की कहानी बहुत पसंद आ रही है। यह बहुत अच्छा है। सब देख रहे हैं। लोग पसंद कर रहे हैं।

आज़ादी के बाद की मुस्कान

युवक जब आज़ाद हुआ तो उसने नीचे देखा, जैसे उसे सब पर तरस आ रहा हो। उसकी मुस्कान में एक अलग ही चमक थी। उसने साबित कर दिया कि वह कमज़ोर नहीं है। नौ लोकों के देवता में ऐसे पल दर्शकों को बहुत पसंद आते हैं। बदला लेने का यह तरीका बहुत अनोखा था। सबको हैरान कर दिया। सब देख रहे थे। लोग पसंद कर रहे हैं। बहुत अच्छा लगा।

शानदार फिल्मांकन और कहानी

पूरा दृश्य बहुत ही अच्छे से फिल्माया गया था। कैमरा एंगल और संगीत ने माहौल बनाया। जब अंत में वह अधिकारी फंस गया तो सबकी सांसें रुक गईं। नौ लोकों के देवता को नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो देखना एक अच्छा अनुभव है। कहानी में दम है और अभिनय भी बेहतरीन है। जरूर देखना चाहिए। सबको सुझाव है। लोग देख रहे हैं। सबको पसंद आया।