वाइन का गिलास सिर्फ पीने के लिए नहीं, बल्कि एक हथियार की तरह इस्तेमाल हुआ। लड़के ने शराब पीकर अपनी घबराहट छुपाने की कोशिश की, लेकिन लड़की की नज़रें सब कुछ भांप गईं। पहचान की चोरी के इस सीन में शराब का रंग लाल था, जैसे खून या प्यार, समझना मुश्किल था। एक्टिंग इतनी नेचुरल थी कि लगा हम वहीं मौजूद हैं।
लड़की ने अपनी उंगली से लड़के के होंठों को छूकर जो इशारा किया, वो किसी डायलॉग से ज़्यादा गहरा था। ये सिर्फ एक टच नहीं, बल्कि एक चेतावनी थी। पहचान की चोरी में ऐसे छोटे-छोटे जेस्चर्स कहानी को आगे बढ़ाते हैं। लड़के की आँखों में डर और लड़की की आँखों में गुस्सा, दोनों का मिश्रण देखने लायक था।
अचानक स्क्रीन पर एक नया किरदार आया, सफेद कोट में एक महिला जो ईयरफोन लगाए कुछ सुन रही थी। उसका चेहरा गंभीर था, जैसे वो किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो। पहचान की चोरी की कहानी में ये किरदार बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। क्या वो नीलिमा है। या कोई जासूस। ये सवाल दिमाग में घूम रहे हैं।
लड़का और लड़की दोनों ने काले कपड़े पहने थे, जो उनके रिश्ते की गंभीरता और रहस्यमयी माहौल को दर्शाता है। वहीं सफेद कोट वाली महिला का रंग उसकी अलग पहचान बताता है। पहचान की चोरी में कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने रंगों के जरिए किरदारों के मन की स्थिति बहुत खूबसूरती से दिखाई है। काला रंग खतरे का संकेत दे रहा था।
कमरे की धीमी रोशनी और पीछे की पीली लाइट ने एक बहुत ही इंटिमेट लेकिन डरावना माहौल बनाया था। जब फोन बजा, तो लगा जैसे अंधेरा और गहरा हो गया। पहचान की चोरी के इस सीन में लाइटिंग ने एक्टर्स के चेहरे के भावों को और भी उभारा। हर साये में एक नया राज छुपा हुआ लग रहा था।