सफेद और काले रंग का इस्तेमाल बहुत ही समझदारी से किया गया है। सफेद सूट वाली महिला मासूमियत और दर्द का प्रतीक है, जबकि काले सूट वाली लड़की चालाकी और धोखे का। यह विजुअल कंट्रास्ट कहानी को और भी गहरा बनाता है। पहचान की चोरी की सिनेमेटोग्राफी बहुत अच्छी है।
वीडियो के अंत में आदमी का आँखें बंद कर लेना यह दर्शाता है कि वह अब इस नाटक से थक गया है या फिर वह अपनी गलती का एहसास कर रहा है। सफेद सूट वाली महिला का क्या रिएक्शन होगा, यह जानने के लिए अगला एपिसोड देखना जरूरी है। पहचान की चोरी का क्लिफहैंगर बहुत ही दमदार है।
नेटशॉर्ट ऐप पर पहचान की चोरी देखना एक अलग ही अनुभव है। हर एपिसोड के बाद एक नया ट्विस्ट मिलता है जो आपको अगला एपिसोड देखने के लिए मजबूर कर देता है। इस वीडियो में जो इमोशनल डेप्थ है, वह किसी बड़े बजट की फिल्म से कम नहीं है।
काले सूट वाली लड़की की हरकतें बहुत मासूम नहीं लग रही हैं। वह आदमी के बहुत करीब जा रही है, उसके गाल को छू रही है, और आँखों में एक अजीब सी चमक है। लगता है वह जानबूझकर यह सब कर रही है ताकि सफेद सूट वाली महिला को चोट पहुँचा सके। पहचान की चोरी में यह ट्विस्ट बहुत गहरा है।
चश्मे वाला आदमी इस लड़की के जाल में फंसता हुआ साफ दिख रहा है। वह उसकी बातों में आ गया है और अपनी पत्नी या प्रेमिका की भावनाओं को भूल गया है। जब वह लड़की उसकी गोद में बैठती है, तो उसका चेहरा बता रहा है कि वह इस स्थिति का आनंद ले रहा है। पहचान की चोरी का यह हिस्सा बहुत गुस्सा दिलाता है।