सफेद फर कोट और काली स्कर्ट में वो लड़की जब ऑफिस में घुसी, तो सबकी नज़रें उसी पर टिक गईं। उसकी आँखों में डर है, लेकिन वो सामने खड़ी है। पहचान की चोरी का आरोप लगने के बाद भी वो पीछे नहीं हट रही। उसकी चुप्पी में कितनी कहानियाँ छिपी हैं, ये तो वक्त ही बताएगा।
काले कोट में वो महिला फोन पर बात करते हुए कितनी परेशान लग रही थी। उसकी आँखों में आँसू और चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। शायद पहचान की चोरी का मामला यहीं से शुरू हुआ था। उस फोन कॉल ने सब कुछ बदल दिया, और अब ये दो महिलाएं आमने-सामने हैं।
ऑफिस का माहौल कितना ठंडा और तनावपूर्ण है। सफेद सूट वाली महिला और फर कोट वाली लड़की के बीच की दूरी सिर्फ फीट की नहीं, बल्कि भावनाओं की भी है। पहचान की चोरी जैसे गंभीर मुद्दे पर ये बहस कहां तक जाएगी, कोई नहीं जानता। हर पल नया ट्विस्ट ला रहा है।
दोनों महिलाओं की आँखें इतना कुछ कह रही हैं, जो शब्दों में बयां नहीं हो सकता। सफेद सूट वाली महिला की नज़रों में गुस्सा है, तो फर कोट वाली लड़की की आँखों में मासूमियत। पहचान की चोरी का ये मामला किसका सच है, ये तो आँखें ही बता सकती हैं।
जब सच्चाई सामने आती है, तो हर कोई डर जाता है। फर कोट वाली लड़की जब ऑफिस में घुसी, तो उसे पता था कि उसे सच्चाई का सामना करना होगा। पहचान की चोरी का आरोप लगने के बाद भी वो खड़ी है, ये उसकी हिम्मत को दर्शाता है। सफेद सूट वाली महिला का गुस्सा जायज है या नहीं, ये तो वक्त बताएगा।