पहले दृश्य में लड़की बेहोश पड़ी है, चेहरे पर चोट के निशान हैं। फिर अचानक एक प्यारा सा परिवार खेलता हुआ दिखता है। क्या यह उसकी आखिरी यादें हैं जो मरने से पहले आ रही हैं? या फिर यह सब एक बड़ा षड्यंत्र है? कैंपिंग वाले दोस्तों के बीच जो तनाव है, वह सब कुछ संदिग्ध बना देता है। पहचान की चोरी की कहानी में हर मोड़ पर नया झटका लगता है।
तीन दोस्त कैंपिंग कर रहे हैं, हंसी-मजाक चल रहा है, लेकिन अचानक एक लड़की का व्यवहार बदल जाता है। वह फोन में कुछ वीडियो दिखाती है जिसमें वही लोग किसी को धक्का दे रहे हैं। क्या ये दोस्त ही कातिल हैं? जो लड़की शुरू में मरी हुई दिखी, क्या वह इन्हीं में से कोई है? पहचान की चोरी का प्लॉट इतना उलझा हुआ है कि अंत तक अनुमान लगाना मुश्किल है।
लड़की के चेहरे के हाव-भाव देखकर लगता है कि वह किसी गहरे सदमे में है। जब वह फोन दिखाती है, तो उसके दोस्तों के चेहरे पर डर साफ दिख रहा है। शायद उन्होंने कोई बड़ा अपराध किया है और अब पकड़े जाने का डर है। वीडियो में दिखाया गया परिवार शायद उसका असली परिवार था जिसे इन लोगों ने नुकसान पहुंचाया। पहचान की चोरी जैसे विषय पर बनी यह कहानी दिल दहला देती है।
शुरुआत में जो लड़की मरी हुई दिखती है, शायद वही बाद में कैंपिंग वाली लड़की बनकर आती है। हो सकता है उसने अपनी पहचान बदल ली हो या फिर वह किसी और के रूप में वापस आई हो। दोस्तों के बीच का वह संवाद और फोन में दिखाया गया वीडियो सब कुछ बदल देता है। पहचान की चोरी का यह खेल कितना घातक हो सकता है, यह देखकर हैरानी होती है।
वीडियो में खून से सने हाथ और चेहरे पर चोटें देखकर लगता है कि कोई बड़ा हादसा हुआ है। फिर अचानक खुशहाल परिवार का दृश्य आता है जो शायद एक धोखा है। कैंपिंग वाले दृश्य में जो लड़की फोन दिखाती है, उसकी आंखों में बदले की आग साफ दिख रही है। पहचान की चोरी की यह कहानी हर पल नया मोड़ लेती है और दर्शक को बांधे रखती है।