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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँवां17एपिसोड

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पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ

प्रेत घाटी के शिष्य आदित्य सिंह पहाड़ से उतरकर नौ कुएँ खोदने और सूखा मिटाने का जिम्मा संभालता है। रास्ते में वह अमीर लड़की प्रिया कपूर और शर्मा समूह की मालिक तारा शर्मा से मिलता है, गलती से तारा का अंगरक्षक बन जाता है। तारा की सहेली नीलिमा सिंह भी उसे परखती है। आदित्य अपनी ताकत छुपाते हुए पानी के स्रोत ढूंढता है और अपने मिशन पर डटा रहता है। क्या वह अपना लक्ष्य पूरा कर पाएगा? और उसकी जिंदगी में सच्चा प्यार कौन बनकर आएगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

शुरुआत ही से अलग माहौल

जब वह सादी शर्ट वाला युवक उस चमकदार इमारत में कदम रखता है, तो लगता है जैसे कोई गलत जगह आ गया हो। उसकी आंखों में एक अजीब सी बेचैनी और डर साफ झलक रहा है। बुजुर्ग व्यक्ति उसे हाथ पकड़कर आगे ले जाता है, जैसे कोई गुप्त रास्ता दिखा रहा हो। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कहानी में यह शुरुआती मोड़ बहुत दिलचस्प है। लगता है आगे कुछ बहुत बड़ा होने वाला है जो सबकी सोच बदल देगा।

दो खूबसूरत लड़कियां और एक चौंकाने वाला सामना

रास्ते में दो सुसज्जित लड़कियां मिलती हैं जिनकी चमकदार पोशाकें और घमंडी अंदाज सादे कपड़ों वाले लड़के को बिल्कुल पसंद नहीं आ रहे। उनकी नजरें एक दूसरे को टोल रही हैं जैसे कोई जांच कर रही हों। ऐसा लगता है जैसे यह कोई आम मुलाकात नहीं बल्कि एक पहले से योजना की हुई मुलाकात हो। कहानी का तनाव स्तर यहीं से बढ़ने लगता है और दर्शक बंधे रहते हैं। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में यह दृश्य जबरदस्त है।

निजी कमरे में खेल शुरू

जब सब लोग उस निजी कमरे में पहुंचते हैं, तो माहौल पूरी तरह बदल जाता है। मेज पर शराब की बोतलें और छोटे गिलास सजे हुए हैं। भूरे सूट वाला व्यक्ति बहुत आत्मविश्वासी और घमंडी लग रहा है। वह घूंट बांट रहा है जैसे कोई चुनौती दे रहा हो। सादे कपड़ों वाला युवक शांत है, पर उसके चेहरे पर सवाल हैं। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में यह दृश्य जबरदस्त है।

शराब के गिलास में छिपी साजिश

भूरे सूट वाले ने एक पैकेट निकाला जिस पर कुछ लिखा था और उसने चुपके से कुछ गिलास में मिलाने की कोशिश की। यह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि क्या वह सादे कपड़ों वाले को फंसाना चाहता है। रंगीन पोशाक वाली लड़की चुपचाप सब देख रही है। यह धोखा कहानी को एक नया और खतरनाक मोड़ देता है जो आगे की कहानी तय करेगा। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ में ऐसा मोड़ उम्मीद नहीं था।

चुनौती स्वीकार करने का अंदाज

जब घूंट पीने की बारी आई, तो भूरे सूट वाले ने पहले पीकर दिखाया ताकि सामने वाला भी पीए। वह चाहता था कि उसकी योजना काम कर जाए। सादे कपड़ों वाले युवक ने बिना डरे गिलास उठाया और पी गया। उसकी आंखों में डर नहीं बल्कि एक अलग ही चमक थी। लगता है वह इस खेल का अंत अपने तरीके से करेगा। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ का चरमोत्कर्ष पास है।

रंगीन पोशाक वाली लड़की का रोल

सोफे पर बैठी वह रंगीन पोशाक वाली लड़की बहुत खूबसूरत लग रही है। उसकी पोशाक की रंगत कमरे की नीली रोशनी के साथ बहुत अच्छे से मेल कर रही है। वह सिर्फ देख रही है, कुछ बोल नहीं रही है। शायद वह इस पूरी साजिश का हिस्सा है या फिर मजबूर है। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। इस कहानी में हर किरदार की अहमियत है। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की कथा गजब है।

अहंकार बनाम शांति

भूरे सूट वाले के चेहरे पर अहंकार साफ झलक रहा है। वह सोचता है कि वह सब कुछ नियंत्रण कर रहा है और जीत जाएगा। वहीं सादे कपड़ों वाला लड़का शांत बैठा है। यह शांति तूफान से पहले की शांति लगती है। जब ये दोनों टकराएंगे, तो मजा आएगा। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ की यही खासियत है कि यह बिना ज्यादा संवाद के भी कहानी कहता है।

नेटशॉर्ट मंच पर देखने का अनुभव

इस शो को देखने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा। स्क्रीन पर जो रंग और रोशनी का खेल है, वह आंखों को चुभाता है। कहानी की रफ्तार तेज है और हर दृश्य में कुछ नया है। मैंने नेटशॉर्ट मंच पर कई कहानियां देखी हैं, पर यह अलग है। किरदारों के अभिनय ने दिल जीत लिया। यह कहानी दर्शकों को बांधे रखती है। बस यही उम्मीद है कि अंत अच्छा हो और न्याय मिले। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ जरूर देखें।

आखिरी घूंट किसने पिया

अंत में दोनों ने घूंट पी लिए। भूरे सूट वाले ने अंगूठा दिखाया, जैसे उसे लगा उसने जीत लिया और सब योजना काम कर गया। पर सादे कपड़ों वाले के चेहरे पर कोई असर नहीं हुआ। क्या वह पैकेट वाली योजना काम नहीं किया या फिर उसे पहले से पता था? यह रहस्य बना रहना चाहिए। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ के अगली कड़ी का इंतजार है।

कहानी का असली मतलब

शुरुआत में लगा यह सिर्फ एक पार्टी है, पर धीरे धीरे पता चला यह एक जंग है। सादगी बनाम दिखावा। सच्चाई बनाम झूठ। हर दृश्य में एक छिपा हुआ संदेश है। जो लड़का शुरू में डरा हुआ लग रहा था, वही अब सबसे ताकतवर लग रहा है। यह कहानी हमें सिखाती है कि बाहरी चमक सब कुछ नहीं होती। पहाड़ से उतरा खोदने कुआँ जरूर देखें। यह जीवन का सच है।